

कौशांबी जिले के मनौरी कस्बे में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं. धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. विस्फोट से फैक्ट्री पूरी तरह तबाह हो गई और आसपास के कई मकान भी जमींदोज हो गए. कई परिवारों ने अपने घर और अपनों को एक साथ खो दिया.
घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है.
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ नौशाद
हादसे के मुख्य आरोपी नौशाद की तलाश में कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं. मंगलवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि नौशाद फरार होने की कोशिश में है. इसके बाद चरवा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने काजीपुर मोड़ के पास घेराबंदी कर दी.
पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर नौशाद ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं.
पूछताछ में कबूला अवैध कारोबार
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में नौशाद ने स्वीकार किया कि वह गोदाम में पटाखों और विस्फोटक सामग्री का निर्माण तथा भंडारण करता था. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद वहां काम जारी था.
यही नहीं, घटना के बाद पुलिस ने नौशाद और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है. परिवार की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
बेटे आदिल पर NSA, 25 हजार का इनाम
प्रशासन ने नौशाद के बेटे आदिल के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया है. आदिल पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वह अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है.
चायल एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आदिल के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई. प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
गोदामों पर चला बुलडोजर
जांच के दौरान पुलिस ने नौशाद के कई गोदामों पर छापेमारी की. यहां से बड़ी मात्रा में पटाखे और बारूद बरामद हुए. इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने गोदामों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की.
लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज
हादसे के बाद सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है. एक इंस्पेक्टर और छह दरोगाओं समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री लंबे समय तक कैसे संचालित होती रही.
10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
धमाके के बाद घटनास्थल पर करीब 10 घंटे तक बचाव अभियान चलाया गया. पुलिस, एयरफोर्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के लगभग 200 जवान राहत कार्य में जुटे रहे. मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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