
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत नेपाल गए 45 तीर्थ यात्री पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं. देवस्थान विभाग के एडीसी गीतेश श्री और उप सचिव आलोक सैनी ने बताया कि राजस्थान से रोजाना 45 वरिष्ठ नागरिकों को नेपाल में पशुपतिनाथ के दर्शन करने के लिए फ्लाइट जाती है. विभाग का कहना है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और राजस्थान लौट रहे हैं. इस बीच एक फ्लाइट से आज ही 45 यात्री और रवाना हुए हैं. गीतेश श्री ने बताया कि दिल्ली से शाम 4 बजे रवाना होकर यात्री अगले दिन दर्शन करते हैं और दोपहर 2 बजे काठमांडू से दिल्ली के लिए उड़ान पकड़ लेते हैं.
देवस्थान विभाग का कहना है कि नेपाल और चीन की बॉर्डर पर आई बाढ़ का काठमांडू में कोई असर नहीं है. इस साल 21 जुलाई से शुरू हुई काठमांडू यात्रा में अभी तक तकरीबन 800 से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं.
ईश्वर का जताया आभार
वहीं राजस्थान से अमरनाथ यात्रा पर गए राजकुमार गोयल ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि वह अभी कुछ ही दिन पहले यात्रा से लौटे हैं और उनकी यात्रा अच्छी रही. नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद गोयल ने भगवान का आभार जताते हुए कहा कि वह समय से घर लौट आए, यह ईश्वर की कृपा से ही हो सका.

अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाका काठमांडू से दूर है
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टूर ऑपरेटर ने दी जानकारी
टूर ऑपरेटर के नज़रिए से बात करें तो नेपाल के लिए यात्रियों के टूर संचालित करने वाले महेश शर्मा कहते हैं कि अभी उनका कोई ग्रुप नेपाल के दौरे पर नहीं चल रहा. महेश बताते हैं कि आमतौर पर उनके टूर धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को देखने जाते हैं.
महेश शर्मा ने कहा,”जिस जगह नदी में बाढ़ आई वह नेपाल और चीन का सीमावर्ती इलाका है. यह मनोकामना के आसपास वाला इलाका है. घटना वाली जगह आमतौर पर हमारे पर्यटक नहीं जाते लेकिन रील और फोटोग्राफी के शौक की वजह से अब कई यात्री वहां जाने लगे हैं.”
महेश शर्मा ने बताया कि वहां विदेशी सैलानी यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसी जगहों से काफी संख्या में आते हैं. फिलहाल राजस्थान के टूर ऑपरेटर्स भी अपने नेपाल में मौजूद उन परिचितों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे टूर के दौरान उनकी बात और मुलाकात होती है.
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