
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में शनिवार (22 अगस्त) को क्रैडल वार्मर के फिलामेंट में स्पार्किंग से आग लग गई. वार्मर के पास ऑक्सीजन की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली, जिसकी चपेट में आकर एक ही वार्मर पर मौजूद तीन मासूम बच्चे झुलस गए. बताया जा रहा है कि वार्ड की यूनिट में बड़ी संख्या में मासूम बच्चों को रखा गया था. अस्पताल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर से तुरंत आग पर काबू पाया और बड़ा हादसा टाल दिया.
अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया, दोपहर लगभग पौने दो बजे वार्मर के फिलामेंट में स्पार्किंग हुई. वहां ऑक्सीजन सप्लाई के कारण आग लगी. स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई कर आग बुझाई और बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया. बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें पीडियाट्रिक सर्जन की आवश्यकता हो सकती है. छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन न होने और बेहतर बर्न ट्रीटमेंट के लिए बच्चों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. सिविल सर्जन के अनुसार, तीनों बच्चों में से एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते उसकी सर्जरी भी हो सकती है.
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वार्मर में तकनीकी खराबी की पहले से क्यों नहीं हुई जांच
अस्पताल प्रबंधन इस घटना को लेकर जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि वार्मर की हीटिंग यूनिट में तकनीकी खराबी और फिलामेंट में हुई स्पार्किंग के चलते आग लगी. इसी की चपेट में आकर वार्मर में मौजूद तीन मासूम बच्चे झुलस गए. अब प्रबंधन यह जांच कर रही है कि वार्मर में कैसे तकनीकी खराबी आई और इसकी पहले से जांच क्यों नहीं हुई? इस घटना के बाद लोगों का जिला अस्पताल पर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है और मशीनों को लेकर भी वे सवाल उठ रहे हैं. अब जांच पूरी होने के बाद असली वजह सामने आने की उम्मीद है.
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