
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर (Indore News) से एक सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां आजाद नगर थाना क्षेत्र (Azad Nagar Police) में कार लोन की बकाया किस्त को लेकर फाइनेंस कंपनी वालों का विवाद इतना हिंसक हो गया कि उन्होंने एक युवती के कार्यालय में घुसकर जमकर बवाल काटा. आरोपियों ने युवती के पिता और भाई के साथ लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की और कार्यालय में रखे कीमती सामान में भारी तोड़फोड़ कर दी.
यह पूरी खौफनाक वारदात कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Video) में कैद हो गई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है और फुटेज के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों का हंगामा
जानकारी के मुताबिक, इंदौर के पालदा नाका निवासी फरियादी संस्कृति पाटिल अपने पिता शिव पाटिल के साथ मिलकर कैटरिंग का व्यवसाय संचालित करती हैं. गुरुवार दोपहर कुछ युवक अचानक उनके कार्यालय आ धमके. उन्होंने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कार लोन की बकाया किश्त (Car Loan EMI) तुरंत जमा कराने का भारी दबाव बनाने लगे. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई. पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने विवाद सुलझाने के लिए वाहन बेचकर लोन का पूरा भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन रिकवरी के लिए आए युवक नहीं माने.
पिता-भाई से मारपीट और कार्यालय में तोड़फोड़
पीड़ित परिवार के अनुसार, पहली बार की बहस के बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद वे अपने दो अन्य साथियों के साथ दोबारा कार्यालय में घुस आए. आरोप है कि इसके बाद इन युवकों ने बिना कोई बात सुने युवती के पिता शिव पाटिल और उसके भाई के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी. आरोपियों ने कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया और वहां रखे कंप्यूटर, कांच सहित अन्य सामान को भारी नुकसान पहुंचाया. ऑफिस में हुई तोड़फोड़ और मारपीट की यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV Footage) में रिकॉर्ड हो गई है.
आजाद नगर थाने में केस दर्ज
इस हिंसक घटना के बाद डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने तुरंत आजाद नगर थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई. पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर चार आरोपियों- प्रणव चौहान, आयुष पंवार, सुनील माखीजा और शशिकांत रावत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
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