मध्य प्रदेश

हिमाचल: BJP की CM को नसीहत, बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर ध्यान दें


हिमाचल बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है. CPRI मुख्यालय में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज, विकास कार्यों, अधिकारियों के कैडर और हिमकेयर योजना समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा. कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री को बीजेपी सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाने के बजाय प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और विकास की रफ्तार पर ध्यान देना चाहिए.

सुरेश कश्यप ने कहा कि बीजेपी सांसदों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. लोकसभा और राज्यसभा के बीजेपी सांसद अपनी संवैधानिक और राजनीतिक जिम्मेदारी अच्छी तरह जानते हैं. हिमाचल के हितों की आवाज कहां और कैसे उठानी है, इसके लिए बीजेपी सांसदों को मुख्यमंत्री से सीखने की जरूरत नहीं है.

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उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल से जुड़े मुद्दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सामने रखे गए, केंद्र ने प्रदेश का पूरा सहयोग किया. प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने हिमाचल की जरूरतों को संवेदनशीलता से सुना और हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई.

केंद्र से पैसा लेकर धन्यवाद भी भूल जाती है सरकार

कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलते हैं, उन्हें बुके देते हैं और योजनाओं व विकास कार्यों के लिए धनराशि लेकर हिमाचल लौटते हैं, लेकिन बाद में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना तक भूल जाते हैं.

उन्होंने कहा कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं के तहत हिमाचल को विशेष श्रेणी राज्य का लाभ मिल रहा है और कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में सहायता दी जा रही है. आपदा हो या विकास योजनाएं, केंद्र सरकार हिमाचल के साथ मजबूती से खड़ी रही है. इसके बावजूद कांग्रेस सरकार राजनीतिक कारणों से केंद्र पर आरोप लगाती रहती है.

कर्ज को लेकर सरकार पर साधा निशाना

राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG को लेकर कश्यप ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक तरफ हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2030 तक देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर हर आर्थिक समस्या के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराती है.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में आत्मनिर्भर हिमाचल बनाना चाहती है तो उसे प्रदेश की आय बढ़ाने, गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण करने और कर्ज पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. जिस गति से सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है, वह प्रदेश के आर्थिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के कैडर में कमी के प्रस्ताव पर भी सुरेश कश्यप ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गलत जगह खर्च घटाने का प्रयास कर रही है. कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों का कैडर कम करने के बजाय अपनी ‘मित्रों की फौज’ का कैडर कम करें.

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. सरकार को अधिकारियों की संख्या घटाने के बजाय अनावश्यक राजनीतिक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची को कम करना चाहिए.

बीजेपी में गुटबाजी के आरोप पर पलटवार

बीजेपी में गुटबाजी के आरोपों पर कश्यप ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी का केवल एक गुट है और उसका नाम भारतीय जनता पार्टी है. उन्होंने कहा कि 2027 आने पर कांग्रेस को खुद पता चल जाएगा कि बीजेपी कितनी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में है.

उन्होंने हाल के पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि जिला परिषद, बीडीसी, पंचायतों और नगर निकायों में बीजेपी को व्यापक जनसमर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि चार नगर निगमों में से तीन में बीजेपी ने अपना नेतृत्व स्थापित किया है. अगर इसे सत्ता का सेमीफाइनल माना जाए तो जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है.

वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना

वंदे मातरम् को लेकर CWC के फैसले पर सुरेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता का सम्मान बीजेपी के लिए राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव का विषय है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर वंदे मातरम् के प्रति अनुचित रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

कश्यप ने कहा कि वंदे मातरम्, तिरंगा और भारत माता उनके लिए सर्वोपरि हैं और राष्ट्र के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विदेशों में भारत को लेकर उनकी कई टिप्पणियां देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं.

हिमकेयर योजना को कमजोर न करने की अपील

हिमकेयर योजना को लेकर कश्यप ने कहा कि इस योजना ने हिमाचल के लाखों जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा दी है. गंभीर बीमारी की स्थिति में गरीब व्यक्ति के लिए हिमकेयर एक वरदान है.

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उन्होंने कहा कि अगर सरकार को योजना के क्रियान्वयन में किसी गड़बड़ी की आशंका है तो निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए. लेकिन किसी संभावित गड़बड़ी को आधार बनाकर पूरी हिमकेयर योजना को कमजोर या बंद करना समाधान नहीं है. कमियां हैं तो उन्हें दूर किया जाए और दोषी हैं तो उन्हें सजा दी जाए, लेकिन गरीब का इलाज नहीं छीना जाना चाहिए.

कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रदेश में विकास की गति प्रभावित है और आर्थिक स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है.



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