

नई दिल्ली:
अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले योगगुरु स्वामी रामदेव ने अब छात्रों पर बयानबाजी की है. छात्रों को लेकर रामदेव ने कहा है, “ना हिंदू खतरे में हैं, ना मुसलमान, न दलित और न आदिवासी खतरे में है. असल में देश का बचपन खतरे में है. देश की जवानी खतरे में है.” रामदेव ने कहा कि देश का वर्तमान और भविष्य खतरे में है. उन्होंने कहा कि अंधेरगर्दी से आक्रोश फूटता है.
‘अखंडता और संप्रभुता खतरे में…’
स्वामी रामदेव ने कहा, “इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, दलित, आदिवासी, वनवासी या एससी/एसटी समुदाय खतरे में नहीं हैं. असल में देश का बचपन और युवा पीढ़ी, देश का वर्तमान और भविष्य, इसकी प्रकृति, संस्कृति और सभ्यता और इसकी अखंडता और संप्रभुता खतरे में है.”
ये भी पढ़ें: सरकारी नौकरियों में 99% घोटाला, सब ठीक कर लो वरना फिर करूंगा आंदोलन: बाबा रामदेव
शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार का इशारा…
स्वामी रामदेव ने कहा कि विरोध के नाम पर अराजकता नहीं होनी चाहिए. ऐसे आंदोलनों के लिए बच्चों का शोषण नहीं किया जाना चाहिए. यह सच है कि देश के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है.
आंदोलन की चेतावनी…
दो दिन पहले भी स्वामी रामदेव ने कुछ ऐसा बयान दिया था, जिस पर चर्चा शुरू हो गई थी. उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया था और आंदोलन की चेतावनी दी थी. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 99 फीसदी तक के घोटाले की बात कही थी. उनका कहना था कि सब कुछ सही से नहीं हो रहा है. इससे युवाओं में गुस्सा है और जगह-जगह आंदोलन हो रहे हैं. रामदेव ने कहा, “सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के दौरान 90 से 99% घोटाला होता है. अपने-अपने विचार अपने संगठन अपने संगठन अपने संस्कार अपनी जाति वर्ग समुदाय के लोगों को ठोक लेते हैं और बाकी को बाहर धक्का मार देते हैं.”
ये भी पढ़ें: व्यक्ति को मार सकते हो विचारों को नहीं… खामेनेई की मौत पर बोले बाबा रामदेव, बताया क्यों कर रहे ईरान का समर्थन





