खबर

AAP की सरकार बनाकर केंद्र को ई-20 वापस लेने पर करें मजबूर: गोवा में बोले अरविंद केजरीवाल | Form an AAP government and force the Centre to withdraw E-20 Arvind Kejriwal in Goa



आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर केंद्र सरकार पर ई-20 पेट्रोल को वापस लेने के लिए मजबूर करने की अपील की है. गोवा दौरे पर आए केजरीवाल ने कहा कि यहां की जनता ई-20 से सबसे ज्यादा प्रभावित है. करीब 90 फीसदी गोवा के लोग ई-20 पेट्रोल से परेशान हैं, उनकी गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है और इंजन खराब हो रहे हैं. अगर गोवा और उत्तर प्रदेश में भाजपा हार जाती है तो चुनाव परिणाम आने के 5 दिन के अंदर सरकार ई-20 वापस ले लेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वोट देने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि कांग्रेस के विधायक भाजपा में चले जाएंगे और भाजपा फिर अपनी सरकार बना लेगी.

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि सरकार ने पूरे देश में जबरदस्ती ई20 लागू कर दिया है और देश की जनता इससे बहुत दुखी है. लोगों के टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर में माइलेज 25 से 30 फीसद तक कम हो गई है. लोगों की गाड़ियां और इंजन खराब हो रहे हैं, इंजन सीज हो रहे हैं, फ्यूल सिस्टम खराब हो रहा है और जंग लग रहा है. इतना शोर होने के बावजूद केंद्र सरकार अड़ी हुई है और इसे वापस नहीं ले रही है.

केजरीवाल ने बताया कि गोवा के लोग इस फैसले से ज्यादा प्रभावित हैं. राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 7 फीसद परिवारों के पास कार है, लेकिन गोवा में लगभग 45 फीसद परिवारों के पास कार है और 86 फीसद के पास टू-व्हीलर है. कई घर ऐसे हैं जिनमें कार और टू-व्हीलर दोनों हैं, इसलिए गोवा में लगभग 85 से 90 फीसद परिवार इस फैसले से प्रभावित हैं. उनकी माइलेज कम हो रही है और भविष्य में उनके इंजन खराब होंगे ही.

उन्होंने बताया कि दुनिया भर में जिन देशों ने ई20 लागू किया, उन्होंने इसके लिए 10 से 20 साल का समय लिया. ब्राजील इसमें सबसे आगे है, वहां ई100 लागू है. वहां पेट्रोल के बिना पूरी तरह इथेनॉल का इस्तेमाल होता है और फ्लेक्सी फ्यूल व्हीकल मौजूद हैं. लेकिन ब्राजील ने ई20 लागू करने में 50 साल लिए. वहां 1931 में ई5 और 1985 में ई20 लागू किया गया था. वहां लोगों के पास ई30 और ई100 दोनों के बीच चुनने का ऑप्शन है. दुनिया के बाकी देशों में जहां इथेनॉल का इस्तेमाल होता है, वहां यह ई10 से भी कम है.

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे देश में 2022 में सरकार ने तय किया कि 2025 तक इसे लागू कर देंगे. हमारी सरकार ने ई20 लागू करने के लिए केवल 3 साल का समय दिया, जो संभव नहीं है. पेट्रोल पंप के स्टोरेज टैंक ई20 के लिए तैयार नहीं हैं. जब उसमें पेट्रोल डाला जाता है, तो मॉइस्चर अलग हो जाता है, जिससे कई लोगों की गाड़ियों के टैंक में पानी भर जाता है और गाड़ी सीज हो जाती है. ऑयल टैंकर्स और व्हीकल को भी इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन नहीं किया गया है.

आप संयोजक ने बताया कि कच्चा तेल 50 रुपए प्रति लीटर है और इथेनॉल 70 रुपए प्रति लीटर, जिससे यह साफ है कि इथेनॉल पेट्रोल से ज्यादा महंगा है. यह कम माइलेज देता है, तो फिर सरकार इसे क्यों थोप रही है? अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक है, लेकिन वह इसका पूरा उपयोग नहीं कर पा रहा है. अमेरिका के किसान दुखी हैं और वहां ई10 लागू है. पिछले साल हमने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था और इस साल 5 बिलियन लीटर आयात करेंगे. हम उनके बचे हुए कूड़े का आयात करने को मजबूर हैं.

केजरीवाल ने कहा कि हमने ई20 के खिलाफ एक टाउन हॉल आयोजित किया, जिसमें एक साथ लगभग 7 लाख लोग ऑनलाइन जुड़े थे. यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रैली थी, जिसे गिनीज बुक में दर्ज किया जाना चाहिए. इसके अलावा 2 लाख लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन भी साइन की. 2023 के बाद बनने वाले व्हीकल ई20 के अनुकूल हैं, लेकिन 2023 से पहले के करीब 30 करोड़ व्हीकल ई20 के लिए नहीं, बल्कि ई10 के लिए बने हैं. सरकार अब ई40, ई50 और ई60 की तैयारी कर रही है और कह रही है कि इसके लिए टेस्ट चल रहे हैं. लेकिन वास्तव में कोई टेस्ट नहीं हुआ है और यदि हुआ है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि गोवा के चुनाव आ रहे हैं, इस बार गोवा के चुनाव में भाजपा को हरा दो और उन्हें वोट न दें. उधर उत्तर प्रदेश के लोग भी भाजपा को वोट न दें. देखना, अगर 10 मार्च को नतीजे आए, तो 15 मार्च तक पक्का सरकार पूरे देश से ई20 वापस ले लेगी. यह लोगों के व्हीकल की सेफ्टी और एफिशिएंसी का सवाल है. आप आम आदमी पार्टी को वोट दें और हम गारंटी देते हैं कि चुनाव के नतीजों के 5 दिन के अंदर पूरे देश से ई20 वापस ले लिया जाएगा. 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button