
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 6 अगस्त 2026 तक प्रदेश में मानसूनी आपदाओं और सड़क हादसों में कुल 142 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं. प्रदेश को अब तक करीब 797 करोड़ 87 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
यह आंकड़े बताते हैं कि इस बार का मानसून हिमाचल के लिए बेहद भारी साबित हो रहा है. कुल मृतकों की संख्या 142 पहुंच गई है, जिनमें से आपदा संबंधी घटनाओं से 64 मौतें और सड़क दुर्घटनाओं में 78 मौतें हुई हैं. वहीं, अलग-अलग घटनाओं में 224 लोग घायल हुए हैं और 2 लोग लापता हैं.
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कहां कितनी हुई मौतें?
आपदा से हुई 64 मौतों के आंकड़े को देखें तो भूस्खलन के कारण 14, फ्लैश फल्ड में एक, डूबने से 4, आग के कारण एक, सांप काटने से 6, करंट लगने से 5, पेड़/चट्टान गिरने से 12 और अन्य कारणों के चलते 12 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में 78 मौतों में से कुल्लू में 12, सिरमौर में 11, कांगड़ा में 10, शिमला में 10, चंबा में 8, सोलन में 7, ऊना में 6, किन्नौर में 5, बिलासपुर में 4, लाहौल-स्पीति में 4, हमीरपुर में एक और मंडी में 4 लोगों की मौत हुई है. वहीं, प्रदेश में अब तक कुल 194 पशुओं मौत हुई है.
नुकसान 797 करोड़ के पार
मानसून सीजन में प्रदेश भर में मकानों, सड़कों, बिजली और जलापूर्ति योजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है. रिपोर्ट के मुताबिक 22 मकान पूरी तरह और 39 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसके अलावा अलग-अलग घटनाओं में 90 दुकानों/ढाबों और142 गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है. हिमाचल में जारी बारिश के चलते 72.04 हेक्टेयर की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. इस तरह कुल अनुमानित नुकसान ₹79,786.89 लाख (लगभग ₹797.87 करोड़) का हुआ है.
यातायात प्रभावित
प्रदेश में 120 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है. निगुलसरी स्लाइडिंग प्वाइंट पर NH-5 अवरुद्ध हो गया था, जो गुरुवार 6 अगस्त) शाम को खोल दिया गया है. वहीं 39 ट्रांसफार्मर और 60 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 38 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं. इसके बाद कुल्लू में 31, सिरमौर में 26 और शिमला में 13 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं. चंबा में 5, कांगड़ा में 5, ऊना में 2 और किन्नौर में 1 सड़क बंद है. प्रशासन और संबंधित विभाग सड़कें बहाल करने में जुटे हुए हैं.
ट्रांसफार्मर प्रभावित और जलापूर्ति योजनाएं बाधित
प्रदेश की बिजली व्यवस्था की बात करें तो कुल 39 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं. इनमें कुल्लू में 20, शिमला में 11, सोलन में 7 और चंबा में 1 ट्रांसफार्मर बंद पड़ा है. वहीं, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. प्रदेश में कुल 60 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं, जिनमें सिरमौर में 33, हमीरपुर में 13 और बिलासपुर में 3 योजनाएं शामिल हैं.
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. मौसम विभाग भी आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दे चुका है. ऐसे में नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
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