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45 साल पुराने हिंदी गाने में हेमा मालिनी का डांस और लता मंगेशकर की आवाज ने किया गजब, इंडिया सिनेमा के LP का म्यूजिक आज भी अमर | Hema Malini dance and Lata Mangeshkar voice this 45 years old song remains cult classic yet this famous singer was first choice



नई दिल्ली:

बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं जो किसी सिंगर को ध्यान में रखकर लिखा गया, लेकिन किसी कारणवश उस सिंगर से नहीं बल्कि किसी और सिंगर से गवाया गया. बाद में वही गाना क्लट साबित हुआ. वो गाने काफी मशहूर हुए और सालों बाद में हर जेनेरेशन के फेवरेट गानों की लिस्ट में शामिल रहे. हम आज एक ऐसे ही एक गाने की बात करेंगे, जिसे उस दौर की मशहूर सिंगर के लिए लिखा गया था लेकिन उनकी जगह उस दौर की दूसरी मशहूर सिंगर ने गाने को अमर कर दिया.  

वह गाना हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था. फिल्म के साथ ही गाना भी काफी हिट हुआ. हम बात कर रहे हैं 1981 में आई फिल्म नसीब के गाने “मेरे नसीब में तू है कि नहीं” के बारे में. इसे उस दौर की महान गायिका लता मंगेशकर ने गाया है. संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल (LP के नाम से मशहूर) ने दिया है और बोल आनंद बख्शी ने लिखे हैं. इस गाने में अभिनेत्री हेमा मालिनी ने शानदार डांस किया है.

इस गाने का शुरू में उषा उत्थुप गाने वाली थी., उन्होंने इस गाने की रिहर्सल भी कर ली थी. हालांकि बाद में लता ने इस गाने को गाया. दशकों बाद भी यह गाना काफी पसंद किया जाता है. 

नसीब 1981 में आई एक कॉमेडी एक्शन फिल्म है. इसका निर्माण और निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था. अमिताभ बच्चन, शत्रुघन सिन्हा, ऋषि कपूर, हेमामालिनी और रीना रॉय फिल्म में लीड रोल में थे. फिल्म हिट हुई थी. 

क्या है कहानी 

भाग्य और किस्मत की कहानी लॉटरी टिकट से शुरू होती है. एक शराबी आदमी जो अपने पैसे से शराब भी नहीं खरीद सकता. वह अपना टिकट वेटर नामदेव (प्राण) को बेचने का फैसला करता है. नामदेव अपने तीन मित्रों दमू (अमजद खान), रघु (कादर खान) और जग्गी (जगदीश राज) के साथ इस टिकट को खरीद लेता है. टिकट कौन रखेगा, इसके लिए वह ताश खेलते हैं. जग्गी जीत जाता है और टिकट उसे मिल जाता है. जब लॉटरी लग जाती है तो दमू और रघु  जग्गी की हत्या कर देते हैं और नामदेव पर आरोप लगाते हैं. नामदेव भागता है, लेकिन रघु और दमू उसे पुल से एक नदी में फेंक देते हैं.  हालांकि, उसे डॉन अमरीश पुरी द्वारा बचाया गया है और कोई भी नहीं जानता कि वह जीवित है.

बीस साल बाद दमू और रघु ने चोरी की लॉटरी से पैसे का इस्तेमाल शानदार होटल बनाने में करते हैं.  वो अब सफल व्यवसायी बन गए हैं. दमू ने अपने सबसे छोटे बेटे विक्की (शत्रुघ्न सिन्हा) को इंग्लैंड पढाई के लिए भेजता है. वहीं नामदेव के बेटे जॉनी (अमिताभ बच्चन) को होटल में वेटर के रूप में काम पर रखता है. संयोग से जॉनी और विक्की एक ही सुंदर गायिका, मिस आशा (हेमा मालिनी) के प्यार में पड़ जाते हैं. जूली (रीना रॉय) विक्की के बचपन की दोस्त है जो उससे साथ प्यार करती है, लेकिन वह केवल उसे दोस्त मानता है. जब जॉनी को यह पता चलता है, तो वो और जूली अपने के प्यार का बलिदान करते हैं. 

इसी बीच जॉनी का छोटा भाई सनी (ऋषि कपूर) आशा की छोटी बहन किम (किम) को पसंद करने लगा. किम और आशा जग्गी की बेटी हैं जिसे माना जाता है कि नामदेव ने हत्या की है. नामदेव लौटता है और दमू और रघु से बदला लेने की योजना बनाता है. यह प्यार, दोस्ती, बलिदान, धोखे, बदला और सब से ऊपर, भाग्य को लेकर एक मजेदार कहानी है. 





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