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हिरोशिमा परमाणु बम हमले की बरसी पर उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया | North Korea conducted a missile test on the anniversary of the Hiroshima atomic bombing



उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को अपनी ताकत दिखाने के लिए कम से कम एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. टोक्यो में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह मिसाइल हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने के 81 साल पूरे होने के दिन दागा गया. हालांकि, ये जापान के ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) में नहीं गिरी. यह इलाका जापान के तट से 200 नॉटिकल मील (370 किलोमीटर) तक फैला हुआ है. 

शाम 5 बजे छोड़ा

दक्षिण कोरिया की सेना ने भी पुष्टि की कि उत्तर कोरिया के वॉनसन इलाके से ‘सी ऑफ जापान’ (जिसे सियोल ‘ईस्ट सी’ कहता है) की तरफ एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई. ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि मिसाइल को नॉर्थ में पूर्वी तटीय वॉनसन इलाके से शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समयानुसार) लॉन्च किया गया था. मिसाइलों की संख्या को लेकर फौरी तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है. जेसीएस ने कहा, “हमारी सेना भविष्य की किसी भी संदिग्ध लॉन्चिंग को लेकर पूरी तरह सतर्क है. हम अमेरिका और जापान के साथ हर जरूरी जानकारी साझा कर रहे हैं.”

क्यों किया ऐसा

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 25 जून को 1950-53 के कोरियन वॉर के शुरू होने की 76वीं बरसी पर दक्षिण कोरियाई सीमा के पास सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों और उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के प्रमुख हथियारों के परीक्षणों का निरीक्षण किया था. गुरुवार का लॉन्च, साउथ कोरिया की अमेरिका के साथ सालाना संयुक्त सैन्य अभियान, ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ से पहले हुआ. ये एक्सरसाइज इस महीने के आखिर में होने की संभावना है.

प्रेसिडेंशियल नेशनल सिक्योरिटी ऑफिस (राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय) ने तुरंत रक्षा मंत्रालय और जेसीएस के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्हें सतर्कता बनाए रखने और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा पर लॉन्च के असर का अंदाजा लगाने का निर्देश दिया गया. कार्यालय ने प्योंगयांग के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च को उकसावे की कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा, “उनका ये रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए.”

लगभग हर महीने उत्तर कोरिया इस तरह के परीक्षण करता है. मई में, दक्षिण कोरियाई मिलिट्री ने बताया था कि नॉर्थ कोरिया ने येलो सी की ओर कई कम दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल (सीआरबीएम) और आर्टिलरी रॉकेट दागे थे. जेसीएस ने कहा कि उत्तर कोरिया ने कई तरह के प्रोजेक्टाइल छोड़े, जिनमें सीआरबीएम और कई रॉकेट लॉन्चर से दागे गए गोले शामिल थे. माना जा रहा है कि इस लॉन्च में “सुसाइड ड्रोन” भी शामिल थे. सीआरबीएम का मतलब उन बैलिस्टिक मिसाइलों से है जिनकी रेंज 300 किलोमीटर से कम होती है. 

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