खबर

भारत में बैठकर अमेरिका में लगा रहे थे करोड़ों का चूना, CBI ने साइबर गैंग का किया पर्दाफाश; 4 गिरफ्ता | cyber Fraud Swindling millions US operating from India: CBI busts international cyber gang 4 arrested 



केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है. यह गिरोह भारत में बैठकर अमेरिका समेत कई देशों के लोगों को निशाना बनाता था. एजेंसी ने दिल्ली और पंजाब में एक साथ कार्रवाई करते हुए 10 ठिकानों पर छापेमारी की और इस रैकेट के मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

CBI के अनुसार आरोपी फर्जी कॉल सेंटर और ऑफिस संचालित कर खुद को माइक्रोसॉफ्ट, बैंक या अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताते थे. इसके जरिए लोगों को डराकर भारी रकम वसूली जाती थी.

फर्जी पॉप-अप से फंसाते थे शिकार

जांच में सामने आया कि गिरोह इंटरनेट पर ऐसे पॉप-अप संदेश दिखाता था जिनमें कंप्यूटर हैक होने या वायरस आने की चेतावनी दी जाती थी. इन संदेशों में माइक्रोसॉफ्ट के नाम से फर्जी टोल-फ्री नंबर दिया जाता था. जब पीड़ित उस नंबर पर संपर्क करता था तो कॉल भारत में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर तक पहुंचती थी. वहां मौजूद लोग खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर कंप्यूटर ठीक करने के नाम पर हजारों डॉलर वसूल लेते थे.

गिरफ्तारी का डर दिखाकर ऐंठी रकम

CBI को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कई बार खुद को अमेरिकी पुलिस या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते थे. पीड़ितों से कहा जाता था कि उनके कंप्यूटर में आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामग्री मिली है और उनके खिलाफ कार्रवाई होने वाली है. कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे बिटकॉइन एटीएम के जरिए बड़ी रकम जमा करवाई जाती थी. कई मामलों में यह रकम फिरौती जैसी वसूली के रूप में ली गई.

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए छिपाते थे पैसे का रास्ता

गिरोह ठगी की रकम सीधे बैंक खातों में नहीं लेता था. पहले पीड़ितों से बिटकॉइन एटीएम के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी जमा करवाई जाती थी. इसके बाद रकम को कई डिजिटल वॉलेट में घुमाया जाता था ताकि उसका स्रोत पता न चल सके. जांच एजेंसी के मुताबिक आखिर में यह पैसा दिल्ली स्थित नेटवर्क के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग कर इस्तेमाल किया जाता था.

छापेमारी में मिला बड़ा सबूत

CBI ने 5 और 6 अगस्त की रात दिल्ली और पंजाब में बड़े स्तर पर छापेमारी की. मोहाली में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भी खुलासा हुआ. कार्रवाई के दौरान 20 से अधिक मोबाइल फोन, 15 लैपटॉप और टैबलेट, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई क्रिप्टो वॉलेट जब्त किए गए हैं.

अमेरिकी महिलाओं से लाखों डॉलर की ठगी

जांच में फ्लोरिडा की एक महिला का मामला सामने आया. वर्ष 2022 में उसे बताया गया कि उसका कंप्यूटर हैक हो गया है. डर के कारण उसने करीब 4.40 लाख अमेरिकी डॉलर बिटकॉइन के माध्यम से जमा कर दिए. इसी तरह वर्ष 2023 में न्यू जर्सी की एक महिला से भी लगभग 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर ठग लिए गए. जांच में दोनों रकम का संबंध इसी गिरोह के नियंत्रण वाले क्रिप्टो वॉलेट से मिला.

जांच में हो सकते हैं और बड़े खुलासे

CBI का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क है. एजेंसी जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और क्रिप्टो वॉलेट की फोरेंसिक जांच कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ कई अन्य आरोपियों, मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी से जुड़े नए खुलासे होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें- जेल में खतरनाक प्लानिंग, SI भर्ती 2025 का फिजिकल टेस्ट, फर्जी एडमिट कार्ड से खुली पोल




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button