

गुजरात के मेहसाणा जिले से कुछ हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसने यहां की सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रेग्नेंट महिलाओं की जो जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर दर्ज हुई है. उसमें पिछले चार महीनों में 18 वर्ष से कम उम्र की 131 नाबालिग लड़कियों का गर्भवती के रूप में पंजीकरण किया गया है. यह जानकारी राज्य सरकार की स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली ‘TECHO’ पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के आधार पर सामने आई है. ऐसे में बाल संरक्षण को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं.
अप्रैल से जुलाई के बीच का मामला
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 131 नाबालिग गर्भवती किशोरियों का पंजीकरण सामने आने के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों और बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं में चिंता का माहौल है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों के पीछे बाल विवाह या अन्य सामाजिक कारण हो सकते हैं, जिनकी जांच आवश्यक है.
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स्वास्थ्य विभाग अपलोड करता है जानकारी
मेहसाणा के सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण पटेल ने बताया कि 18 साल से कम उम्र की 131 किशोरियों का पंजीकरण विभाग के रजिस्टर और TECHO पोर्टल पर किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले का पंजीकरण संबंधित क्षेत्र की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तरफ से किया जाता है. पंजीकरण आधार कार्ड में दर्ज आयु के आधार पर किया जाता है और इसके बाद सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाती है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों की निगरानी लगातार की जाती है और निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती है.
मेहसाणा जिला प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में गुपचुप तरीके से होने वाले बाल विवाह इसकी बड़ी वजह हो सकती हैं. क्योंकि अभी भी लोग गुपचुप तरीके बाल विवाह करते हैं. हालांकि, पुलिस और बाल संरक्षण और जिला प्रशासन ने इसमें जांच की बात कही है.
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