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देश में जमकर हो रही बारिश, फिर भी 10 राज्यों में सूखे जैसे हालात; मानसून पर नया अपडेट | country Rainfall deficit narrows across yet 10 states face drought-like conditions Kharif sowing down by 3.82 million hectares


देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है और 29 जुलाई 2026 तक बारिश की राष्ट्रीय कमी घटकर 15 प्रतिशत रह गई है. कृषि के लिए महत्वपूर्ण उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा की कमी केवल 10 प्रतिशत और मध्य भारत में महज 1 प्रतिशत रह गई है. इसके बावजूद देश के कई बड़े कृषि क्षेत्रों में अब भी बारिश का गंभीर संकट बना हुआ है.

भारत मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी वर्षा 26 प्रतिशत कम दर्ज की गई है. ऐसे में कई राज्यों के किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि खरीफ सीजन अपने महत्वपूर्ण दौर में पहुंच चुका है.

बिहार, पंजाब और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में बड़ी कमी

राज्यों की बात करें तो बिहार में सबसे ज्यादा 41 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है. मेघालय में 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई है जबकि मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में 41-41 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई है.

आंध्र प्रदेश में 36 प्रतिशत, केरल में 35 प्रतिशत, नागालैंड में 35 प्रतिशत, गोवा में 35 प्रतिशत और पंजाब में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है. झारखंड में 30 प्रतिशत तथा असम में 29 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. इसके अलावा तेलंगाना, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और मिजोरम भी कमजोर मॉनसून की मार झेल रहे हैं.

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खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा सीधा असर

बारिश की कमी का असर देश की खेती पर साफ दिखाई देने लगा है. कृषि मंत्रालय के अनुसार 24 जुलाई 2026 तक देशभर में खरीफ फसलों की बुआई 787.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है. यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 38.82 लाख हेक्टेयर कम है. पिछले साल इसी समय तक 826.19 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी.

चावल की बुआई में 6.19 लाख हेक्टेयर यानी 2.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. दलहन फसलों का रकबा 6.90 लाख हेक्टेयर या 7.54 प्रतिशत घटा है. वहीं तिलहन फसलों की बुआई भी 3.45 लाख हेक्टेयर कम हुई है. इससे आने वाले महीनों में उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ सकती है.

अगले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आसपास बने गहरे दबाव क्षेत्र के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 जुलाई तथा गुजरात क्षेत्र में 31 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. अगले तीन से चार दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है.

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और दक्षिण भारत में जल्द बारिश नहीं बढ़ी तो खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन दोनों पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए आने वाले हफ्तों की बारिश किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है.

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