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सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखे गए तेज प्रताप, अनुष्का के भाई ने कहा- वक्त सबका हिसाब बराबर करता है | Tej Pratap yadav under medical observation in jail after complaining of chest pain refused to eat



राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को सीने में दर्द की शिकायत के बाद बेऊर जेल में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. उन्‍होंने जेल का खाना खाने से इनकार कर द‍िया. मान-मनौव्वल के बाद नाश्ता क‍िया था. तेज प्रताप की जमानत के ल‍िए याचिका दाखिल की गई है. इस बीच अनुष्का के भाई आकाश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए ल‍िखा- वक्त सबका हिसाब बराबर करता है. 

बिहार बंद के दौरान उपद्रव मामले में तेज प्रताप को ग‍िरफ्तार क‍िया गया था. शनिवार देर रात मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी के बाद उन्‍हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. तेज प्रताप के खि‍लाफ गांधी मैदान थाने में 12 से अधिक धाराओं में केस दर्ज क‍िया गया है. उनपर हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने और अश्लील प्रदर्शन समेत कई गंभीर आरोप हैं. 

दरअसल, 25 जुलाई को CJP-AISA के विरोध प्रदर्शन को लेकर पटना के गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया, पुलिस के साथ झड़प की, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों को घायल किया. इसमें जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और अज्ञात प्रदर्शनकारियों के नाम संबंधित कानूनी धाराओं के तहत शामिल किए गए हैं.

शिकायत पत्र में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान पटना गांधी मैदान के गेट नंबर 10 पर तेज प्रताप के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया, जिसमें गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए. साथ ही वहां खड़ी पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई. तेज प्रताप को उस वक्त पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर वो वहां से भागने में सफल रहे. 

इधर तेज प्रताप के वकील ने जगन्नाथ सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें ‘गलत तरीके से गिरफ्तार’ किया गया. उन्होंने बताया कि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख को एक मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद शहर के बाहरी इलाके स्थित बेऊर जेल भेज दिया गया. वकील ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और कुछ ही देर बाद छोड़ दिया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया. 

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