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मुर्गी के लालच में पिंजरे में फंसा तेंदुआ गुर्राता रहा, 4 महीने से था आतंक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस | khandwa leopard trapped in cage using chicken bait after 4 months terror


खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. पिछले चार महीनों से तीन से चार गांवों में दहशत का पर्याय बना खूंखार तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया है. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद महीनों से खौफ के साए में जी रहे ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है.

दरअसल, खंडवा में जंगल से निकलकर एक तेंदुआ लगातार मवेशियों को अपना शिकार बना रहा था. जिले के खरखेड़ी, काकोड़ा और अंबाखेड़ा गांव के लोग पिछले चार महीनों से तेंदुए के डर के साए में रातें गुजार रहे थे. उसने इन गांव में कई बकरियों और गाय के बछड़े को अपना शिकार बनाया था. तेंदुए का आतंक इतना बढ़ गया था कि वह खेतों में काम करने जाने वाले ग्रामीणों पर भी हमला करने दौड़ पड़ता था.

khandwa leopard trapped in cage using chicken bait

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मुर्गी के लालच में पिंजरे में फंसा खूंखार तेंदुआ

ग्रामीणों की लगातार मांग और शिकायतों के बाद वन विभाग की टीम ने चार दिन पहले इलाके में एक पिंजरा लगाया था. बीती रात ग्रामीणों ने एक तरकीब निकाली और पिंजरे के भीतर शिकार के रूप में एक मुर्गी बांधकर चले गए. मुर्गी के लालच में जैसे ही तेंदुआ पिंजरे के अंदर दाखिल हुआ, पिंजरे का स्वचालित दरवाजा बंद हो गया और खूंखार तेंदुआ उसमें कैद हो गया.

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khandwa leopard trapped in cage using chicken bait after 4 months terror.

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घने जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा तेंदुआ

रविवार को जैसे ही तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की खबर गांव में फैली, मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तेंदुए को पिंजरे सहित सुरक्षित अपने साथ ले गई. वन अधिकारियों के मुताबिक, तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे आबादी वाले क्षेत्र से काफी दूर किसी घने सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा. फिलहाल वन विभाग की टीम तेंदुए को लेकर रवाना हो गई है, और महीनों बाद खरखेड़ी, काकोड़ा व अंबाखेड़ा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. 




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