
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन जारी है. इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शिमला के लोकभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए. कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया.
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह बोले, ‘सरकार ने संवाद का रास्ता…’
प्रदर्शन के दौरान क्या बोले सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा माध्यम है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुआ कथित अभद्र व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना गलत है. उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने चुप्पी साधे रखी और जब छात्र अपनी बात रखने पहुंचे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया.
सीएम सुक्खू न की यह मांग
सुक्खू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक और अन्य छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जानी चाहिए तथा पूरे मामले का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए.
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यदि जनता की आवाज को दबाने का प्रयास जारी रहा तो पार्टी आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन करेगी. बता दें कि सोमवार 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से संसद मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों पर जमकर आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया. जिसका पुरजोर विरोध देखने को मिल रहा है.
‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़…’, दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर BJP पर भड़के CM सुक्खू

