
नई दिल्ली:
जंतर-मंतर से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन सोमवार को संसद भवन के काफी करीब तक पहुंच गया. CJP की अगुवाई में संसद मार्च के लिए जंतर-मंतर पर हजारों लोग पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की, क्योंकि संसद की तरफ मार्च करने की इजाजत नहीं थी.
कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी देखने को मिली. दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया था कि संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं थी. हालांकि, इस मार्च से निपटने के लिए भी पुलिस ने तैयारी कर रखी थी.
15 जोन में बंटी दिल्ली
राजधानी दिल्ली को 15 जोन में बांटकर सुरक्षा बढ़ाई गई. पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध था तो संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कई मेट्रो स्टेशन को बंद रखा जिससे कि संसद के आसपास लोग ना पहुंच पाए. जनपथ, राजीव चौक और पटेल चौक जैसे स्टेशन बंद रहे जिससे कि वहां पर प्रदर्शनकारियों की संख्या कुछ कम हो पाए. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के अंदर हंगामा मच गया और लोगों ने वहीं विरोध करना शुरू कर दिया.

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कई जगह पत्थरबाजी भी हुई
प्रदर्शन के दौरान पत्थर फेंकने की भी तस्वीरें सामने आईं. सवाल ये पूछे जा रहे हैं कि जब प्रदर्शन हुआ तो उसमें पत्थरबाजी की क्या जरूरत थी? एक रिपोर्ट के मुताबिक 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
अब कई केस भी दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर लोगों की पहचान करेगी कि ये कौन कौन लोग हैं जिन्होंने पुलिस पर पत्थर बरसाए हैं.
पुलिस कर्मियों पर जब पत्थर बरसाए गए तो पुलिस कर्मियों ने लोगों को हिरासत में लिया. तकरीबन 70 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है.

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संसद के अंदर भी उठा मुद्दा
सड़क पर जब यह सब हंगामा हो रहा था तो संसद में इसकी गूंज सुनाई दे रही थी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में कहा कि बच्चों को मारने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि आज यहां जंतर-मंतर पर हजारों बच्चे आए हैं. वहां लाठीचार्ज हो गया है. सरकार उन्हें मारने की कोशिश कर रही है.
संसद के बाहर हो रहे इस हंगामे को लेकर संसद के अंदर भी बवाल हुआ. इस कारण लोकसभा और राज्यसभा, दोनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी.
कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के काफी करीब भी पहुंच गए थे. इस कारण कुछ देर के लिए संसद भवन के गेट भी बंद किए गए.

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प्रदर्शन को लेकर सियासत भी तेज
प्रदर्शन को लेकर सियासत भी तेज हो गई. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्र विरोधी है तो वहीं बीजेपी का कहना था कि अपनी मांगों के लिए सरकार की बांह नहीं मरोड़ी जा सकती.
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन संसद के बाहर नहीं करेंगे तो कहां करेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों से डर गई है. वहीं, बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि प्रोटेस्ट ठीक नहीं है. जनता ने सरकार को चुना है और कैसे सरकार चलाएगी, ये उनका अधिकार है.
हिंसा के पीछे की साजिश की जांच होगी
पुलिस के मुताबिक, अब तक 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनमें से कई लोग छात्र नहीं हैं. हिंसा के पीछे साजिश की भी जांच होगी. पुलिस कह रही है कि इस पूरे प्रदर्शन के पीछे साजिश के एंगल से भी जांच की जाएगी.





