

पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर नजर आया. अब भाजपा के नेता भी कांग्रेस पर अटैकिंग मोड में आ गए हैं. राजस्थान में भाजपा के नेताओं ने पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक और छात्रों के आत्महत्या से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा. शुक्रवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विद्यार्थियों के नाम पर कांग्रेस आज घड़ियाली आंसू बहा रही है. पर कांग्रेस राज में आए दिन पेपर लीक की घटनाएं होती रहीं. भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए औऱ 34 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की. लेकिन उस समय इन कांग्रेस नेताओं को अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की मानसिक स्थिति के बारे में जरा भी ख्याल नहीं आया.
नेटबंदी के बावजूद हुए पेपर लीक
राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा सहानुभूति लेना चाहते हैं, जबकि उनके समय में सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए और शिक्षा मंत्री के रूप में जिनका नाम भी पेपर लीक के अंदर कई प्रकार से आए. उन्होंने कहा कि गहलोत राज में आए दिन नेटबंदी के बावजूद 17 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 34 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अपनी जान दे दी.
राजेंद्र राठौड़ ने आगे कहा कि राजस्थान में इन पौने तीन वर्षों में कांग्रेस एक भी जनआंदोलन खड़ा नहीं कर पाई. कांग्रेस इस मुगालते में है कि उनके गुमराह किए जाने पर विद्यार्थी उनके पीछे आकर खड़े हो जाएंगे, लेकिन यहां का विद्यार्थी और नौजवान भी समझता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय राजस्थान में सर्वाधिक बेरोजगारी दर पूरे देश में दूसरे नंबर पर में थी. आज कांग्रेस पर ‘उल्टे बांस बरेली को’ की कहावत चरितार्थ हो रही है. इनके इस षड्यंत्र में कोई आने वाला नहीं है.
कुछ गुंडों ने बदनाम किया है- मदन दिलावर
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को पेपर लीक से जुड़े मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कहा कि नीट पेपर के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में पहले दर्जनों पेपर आउट हुए हैं. पूर्व शिक्षा मंत्री ने रीट पेपर लीक पर कहा था, इसमें बोर्ड की गलती है, हमारी गलती नहीं है. मदन दिलावर ने आगे कहा कि नीट के विद्यार्थी जिन्होंने पेपर दिया था उनका ही आंदोलन नहीं था. अच्छे लोग है, कुछ गुंडों ने उन्हें बदनाम किया है. जो देश के बारे में ग़लत बात सोचते हैं. इसीलिए इस तरीक़े के नारे लगे. जिस तरीके के शब्दों का तरीकों का धरने में प्रयोग हुआ है. ये नीट के विद्यार्थी नहीं हो सकते हैं.
‘कांग्रेस को अपने गिरेबां में झाकना चाहिए’
वहीं, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भी कांग्रेस पर तीखा वार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन यह वही पार्टी है जिसकी सरकार में पेपर लीक युवाओं की नियति बन गया था. कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए.
राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में 17 प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए और लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत मिट्टी में मिल गई. कांग्रेस सरकार के समय रीट भर्ती परीक्षा, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और सब-इंस्पेक्टर भर्ती जैसी अहम परीक्षाओं में पेपर लीक ने प्रदेश के युवाओं के सपनों को बार-बार चकनाचूर किया, लेकिन कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पेपर माफियाओं के हौसले बुलंद होते गए. आज वही कांग्रेस युवाओं की चिंता का दिखावा कर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है.
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