

8 बार मौत की सजा टली, 8 बार आखिरी ख्वाहिश पूछी गई और हर बार मौत के फंदे के बिल्कुल करीब पहुंचकर सांसें लौट आईं. इसे किस्मत का खेल कहें या कानून की पेचीदगी, फ्रैंसिस क्लिफोर्ड स्मिथ ने जिंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा जेल की सलाखों के पीछे ही बिता दिया. 25 साल की उम्र में जिस शख्स को जेल में ठूंसा गया था, उसने 101 साल की उम्र में दुनिया से अलविदा कहा. वह अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सजा काटने वाले कैदी के तौर पर याद किए जाएंगे.
1949 के मर्डर से शुरू हुआ विवाद
स्मिथ एक मामूली अपराधी थे. साल 1949 में कनेक्टिकट के एक याट क्लब के नाइट वॉचमैन ग्रोवर हार्ट की हत्या हो गई. आरोप स्मिथ और उनके साथी पर लगा. साथी ने तो पुलिस से समझौता कर स्मिथ के खिलाफ गवाही दे दी और स्मिथ को 1950 में फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुना दी गई.
हालांकि, स्मिथ जिंदगी भर खुद को बेकसूर बताते रहे. वक्त बीता तो गवाह अपने बयानों से पलटने लगे और एक दूसरे कैदी ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ करने वाले पुलिस अधिकारी मेजर लियो कैरोल ने भी पैरडन बोर्ड से कहा, “मुझे तो यह भी यकीन नहीं है कि स्मिथ मर्डर के वक्त वहां मौजूद थे.” इसी शक का फायदा स्मिथ को मिला और 1954 में उनकी फांसी को उम्रकैद में बदल दिया गया.
‘द बर्डमैन ऑफ ऑसबॉर्न’
बीबीसी के अनुसार, जेल में स्मिथ को पक्षियों से गहरा लगाव हो गया था. ऑसबॉर्न जेल में वे अपने कपड़ों में रोटियां छिपाकर लाते और परिंदों को दाना डालते. जेल प्रशासन भी उनके इस लगाव को देखकर अनदेखा कर देता था. इसी वजह से उन्हें ‘द बर्डमैन ऑफ ऑसबॉर्न’ कहा जाने लगा.
साल 2020 में 70 साल से ज्यादा जेल काटने के बाद उन्हें बुजुर्गों के केयर होम भेजा गया. जून में उन्होंने नींद में ही अंतिम सांस ली. विशेषज्ञों का कहना है कि जेल का कठिन माहौल इंसान को वक्त से पहले बूढ़ा बना देता है. स्मिथ भी आखिरी दिनों में भूलने की बीमारी और ढलती उम्र की समस्याओं से जूझ रहे थे.
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