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120 की रफ्तार, 45 मिनट का सफर… लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बदलेगा UP की तस्वीर, आज होगा उद्घाटन | Lucknow-Kanpur Expressway Inauguration Today Travel Time Cut to 45 Minutes, Key Features Explained



Lucknow-Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है. यहां गंगा एक्सप्रेसवे से लेकर बुंदेलखंड जैसे हाई स्पीड रोड कॉरिडोर हैं. इस लिस्ट में आज एक नया नाम जुड़ने जा रहा है. आज यानी 13 जुलाई को यूपी को नया एक्सप्रेसवे ‘लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे’ मिलने जा रहा है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की राजधानी लखनऊ और ओद्यौगिक राजधानी लखनऊ को जोड़ेगा. साथ ही यह यूपी के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को भी कनेक्ट करेगा. इस हाई स्पीड एक्सप्रेसवे की खासियत यहां जानिए.

कहां से कहां तक है एक्सप्रेसवे?

यह एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है. यह आधुनिक एक्सप्रेसवे लखनऊ एयरपोर्ट के आगे सरोजनीनगर से शुरू होकर कानपुर में गंगा घाट से ठीक पहले समाप्त होगा. इसे दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है. इसका 17.5 किमी का हिस्सा एलिवेटेड सेक्शन होगा, जो शहरी हिस्से में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा. वहीं 45.2 किमी का ग्रीनफील्ड सेक्शन होगा, जो पूरी तरह नई अधिग्रहीत जमीन पर तैयार किया गया है, जिसकी चौड़ाई 90 मीटर रखी गई है.

यह एक्सप्रेसवे 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है. यह 6 लेन का सुपरफास्ट कॉरिडोर है. इसे इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में बिना किसी जमीन अधिग्रहण किए आसानी से 8 लेन का अपग्रेड किया जा सके.

ट्रक ड्राइवरों और माल ढुलाई के लिए बनेगा ‘गेमचेंजर’

आम जनता के साथ-साथ इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा मालवाहक ट्रकों को होगा. कानपुर और बुंदेलखंड से खनन उत्पाद लेकर आने वाले ट्रकों को अक्सर भारी जाम और ‘नो-एंट्री’ के कारण घंटों आउटर पर खड़ा रहना पड़ता था. अब ये ट्रक बिना किसी रुकावट के सीधे किसान पथ के रास्ते लखनऊ को पार कर सकेंगे.

3 प्रमुख इंटरचेंज और वर्ल्ड क्लास सुरक्षा

इस एक्सप्रेसवे पर कनेक्टिविटी को आसान बनाने के लिए 3 इंटरचेंज दिए गए हैं. इसमें कानपुर रिंग रोड पर, NH-31 पर और लखनऊ रिंग रोड यानी NH-27 पर इंटरचेंज दिया गया है. सुरक्षा के लिहाज से पूरी सड़क के दोनों तरफ लोहे की मजबूत जाली लगाई गई है. साथ ही, आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी.

120 की स्पीड, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

इस एक्सप्रेसवे पर कार 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. वहीं ट्रक और भारी वाहनों की अधिकतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. फिलहाल में लखनऊ से कानपुर के बीच की करीब 80 किमी की दूरी तय करने में 2 से 3 घंटे लग जाते हैं, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर महज 45 मिनट का रह जाएगा.

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: एक नजर में

कुल लंबाई:    63 किलोमीटर
कुल लागत:    ₹4,200 करोड़
वर्तमान लेन    : 6 लेन (भविष्य में 8 लेन का प्रावधान)
ग्रीनफील्ड हिस्सा:    45.2 किलोमीटर (90 मीटर चौड़ा)
एलिवेटेड हिस्सा:    17.5 किलोमीटर
अधिकतम स्पीड    कार: 120 किमी/घंटा | ट्रक: 100 किमी/घंटा
यात्रा का समय:    2-3 घंटे से घटकर सिर्फ 45 मिनट
पर्यावरण कदम:    4 लाख क्यूबिक मीटर फ्लाई ऐश का इस्तेमाल, 46,000 पौधे
सुरक्षा फीचर्स:    सीसीटीवी मॉनिटरिंग, स्ट्रीट लाइट्स, दोनों तरफ लोहे की जाली, डिवाइडर बैरियर

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