

भारत ने कतर के ‘फादर अमीर’ महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. भारत सरकार ने कतर के ‘फादर अमीर’ महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के सम्मान में कल, 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है; उनका आज निधन हो गया. शोक के दिन पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा.
पीएम मोदी ने बताया कैसे थे अमीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है. प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम (भारत) कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं. वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए. हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था.”
We deeply mourn the passing of Father Amir of State of Qatar, HH Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani. A visionary leader who led Qatar to great levels of development and prosperity, we remember him also as a true friend whom I had the honour of meeting during my last visit to Qatar…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 12, 2026
कब घोषणा हुई उनके निधन की
शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने आगे लिखा, “मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.” कतर के फादर अमीर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन की घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था (अमीरी दीवान) ने रविवार को की. अमीरी दीवान ने कहा, ” ईश्वर के फैसले और नियति पर अटूट विश्वास के साथ, अमीरी दीवान राष्ट्र की इस महान क्षति पर शोक व्यक्त करता है. परमात्मा दिवंगत अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी पर अपनी कृपा बनाए रखें, जिनका आज सुबह निधन हो गया.”
शेख हमद की क्यों थी इतनी प्रतिष्ठा
शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया. उन्हें देश के आधुनिक विकास का निर्माता माना जाता है. उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा. उनके नेतृत्व में खाड़ी का यह देश दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों में से एक बन गया. अपने 18 वर्षों के शासनकाल (1995–2013) के दौरान उन्होंने कतर के विशाल प्राकृतिक गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की. इसके परिणामस्वरूप कतर प्रति व्यक्ति आय के आधार पर दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया. साथ ही, उन्होंने कतर की विदेश नीति को भी अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाया, जिससे देश की वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक पहचान मजबूत हुई. उनके शासनकाल के दौरान कतर में 2006 एशियाई खेलों का आयोजन, 2012 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की मेजबानी, दोहा समझौता, फतह–हमास दोहा समझौता और 2022 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार कतर को मिला.
जून 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा (गद्दी त्याग) देकर सत्ता अपने चौथे पुत्र, शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं. संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के जल्द ही कतर का दौरा करने की उम्मीद है, ताकि वे भारत सरकार की ओर से कतर के प्रति शोक व्यक्त कर सकें.
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