

आज 1 अक्टूबर से नया महीना शुरू हो चुका है और इसी के साथ आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और जेब से जुड़े कई नियमों में बदलाव लागू होने जा रहे हैं. LPG सिलेंडर के दाम और सब्सिडी रूल, बड़ी FD की ब्याज दरें, ATM से कैश निकालने, NPS के चार्ज और NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS से जुड़े नियमों में बदलाव आज ही से लागू होने वाले हैं.
वहीं UPI से जुड़ा बदलाव भी इसी महीने, 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है. इसलिए इसे अलग तारीख के साथ समझना जरूरी है. आइए जानते हैं अक्टूबर में किस तारीख को कौन सा नियम बदलेगा और इसका आप पर क्या असर होगा.
1 अक्टूबर से LPG सब्सिडी के नियम और सिलेंडर के दाम
1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी होगा. जिन ग्राहकों ने पहले ही BAA पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा ये प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी.
ऑथेंटिकेशन डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी या संबंधित OMC ऐप के जरिए किया जा सकता है.
किस पर असर: सब्सिडी वाले घरेलू LPG ग्राहक.
आज से कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हो गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम 60 रुपये से 71 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. यहां क्लिक कर आप डिटेल में जान सकते हैं- कहां कितने में मिल रहा LPG सिलेंडर.
1 अक्टूबर से बड़ी FD के ब्याज का नियम बदलेगा
3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के बल्क डिपॉजिट पर बैंकों को लागू ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह 10 बजे तक बतानी होगी.
समान शर्तों वाले डिपॉजिट के लिए शाखाओं के बीच एक समान ब्याज दर लागू करने का नियम भी प्रभावी होगा.
किस पर असर: बड़ी रकम की FD करने वाले ग्राहक और बैंक.
1 अक्टूबर से SBI ATM से कैश निकालने का नियम
SBI के कुछ खातों में दूसरे बैंकों के ATM से मिलने वाली मुफ्त निकासी सीमा में बदलाव होगा. BSBD खातों में चार मुफ्त कैश निकासी के बाद 15 रुपये + GST शुल्क का प्रावधान है.
इस बदलाव को स्टोरी में अलग बॉक्स में समझाया जा सकता है, ताकि ग्राहक को साफ पता चले कि कितनी निकासी मुफ्त है और उसके बाद कितना चार्ज लगेगा.
1 अक्टूबर से NPS के PoP चार्ज में बदलाव
NPS से जुड़े पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी PoP चार्ज के स्ट्रक्चर में बदलाव अक्टूबर से प्रभावी होगा. इसमें नए सब्सक्राइबर के ऑनबोर्डिंग और संबंधित सेवाओं की फीस शामिल है.
यानी NPS में निवेश करने वालों के लिए सिर्फ निवेश रिटर्न ही नहीं, उससे जुड़े सर्विस चार्ज को समझना भी जरूरी होगा.
1 अक्टूबर से NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया आसान
अगर कोई निवासी व्यक्ति या HUF किसी NRI से प्रॉपर्टी खरीदता है, तो 1 अक्टूबर से TDS अनुपालन के लिए अलग TAN लेने के बजाय अपने PAN का इस्तेमाल कर सकेगा.
हालांकि, ध्यान रखने वाली बात ये है कि TDS काटने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी. सिर्फ अनुपालन का तरीका बदलेगा. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF पर इसका असर होगा.
1 अक्टूबर से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के नियमों में बदलाव
जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में देरी से जुड़े नियम भी 1 अक्टूबर से बदलेंगे. खास तौर पर दो साल से ज्यादा देरी वाले पंजीकरण में प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से जुड़ा प्रावधान महत्वपूर्ण होगा.
इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा जिन्हें देरी से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराना है.
15 अक्टूबर से UPI पर क्या बदलेगा?
UPI को लेकर एक जरूरी बात समझना जरूरी है. ये बदलाव 1 अक्टूबर से नहीं, 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा.
2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ पात्र Person-to-Merchant यानी P2M लेनदेन पर 0.4% MDR का नया ढांचा लागू होगा. वहीं Person-to-Person यानी P2P भुगतान इस व्यवस्था से अलग रहेगा.
सवाल है कि क्या ग्राहक को सीधे चार्ज देना होगा? जवाब है- नहीं. NPCI ने साफ किया है कि MDR ग्राहक से सीधे लिया जाने वाला चार्ज नहीं है. इसलिए इसे ‘UPI पर चार्ज’ कहने के बजाय ‘Rs. 2,000+ मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4% MDR’ के तौर पर समझना सही होगा.
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