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स्पेन में तांडव मचाने वाले ज्यादातर प्रवासी लौटे, यूरोप के 22 देशों ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग | Most migrants returning from Spain are wreaking havoc 22 European countries demanded emergency meeting



स्पेन में मोरक्को से अवैध रुप से घुसे ज्यादातर प्रवासी लौट चुके हैं. इस बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने प्रवासी संकट पर यूरोपीय सदस्यों के रवैये की आलोचना कर दी. अब 22 देशों के नेताओं ने स्पेन को पत्र लिखकर आपातकालीन बातचीत की मांग की है. इटली और डेनमार्क की पहल पर लिखे गए इस पत्र में सदस्य देशों ने गृह मंत्रियों की एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस बुलाने की मांग की और इसे अत्यंत जरूरी मामला बताया. स्पेन का कहना है कि बृहस्पतिवार को मोरक्को से सेउटा में दाखिल हुए लगभग 60,000 प्रवासियों में से लगभग सभी को वापस भेज दिया गया है, लेकिन EU नेताओं ने कहा कि उन्हें इस स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं हैं.

इन नेताओं ने बनाई दूरी

यूरो न्यूज के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो और लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री ल्यूक फ्रिडेन ने उस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए, जो यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन को संबोधित था. आयरलैंड ने जुलाई में यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाली थी. 

अधिकांश देश चिंतित

पत्र लिखने वाले 22 नेताओं ने कहा कि इस बैठक का इस्तेमाल सेउटा में हालात का एक जैसा आकलन करने और यूरोप की तरफ से मिलकर जवाब देने पर सहमति बनाने के लिए किया जाना चाहिए. दस्तखत करने वाले नेताओं ने कहा, “हम बड़ी संख्या में लोगों के बेरोकटोक आने, माइग्रेशन का गलत इस्तेमाल या दूसरे हाइब्रिड खतरों से ऐसी धारणा नहीं बनने दे सकते कि यूरोपियन यूनियन में गैर-कानूनी तरीके से घुसना मुमकिन है.” उन्होंने कहा कि वे ऐसे खतरों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार करेंगे, जिसमें अस्थायी तौर पर अंदरूनी बॉर्डर पर कंट्रोल को मजबूत करना या फिर से लागू करना शामिल है.”

पत्र में आगे कहा गया है, “ऐसी धारणा से और कोशिशों को बढ़ावा मिलेगा, हमारी साझा माइग्रेशन पॉलिसी पर भरोसा कम होगा और सभी सदस्य देशों पर इसका असर पड़ेगा.” इसमें स्पेन सरकार के कुछ गैर-कानूनी प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने के कदम को भी एक आकर्षित करने वाला कारण बताया गया, जिससे शायद यह संकट शुरू हुआ. हालांकि, स्पेन ने इस बात को चुनौती दी है.

यह बात तब सामने आई जब स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने संकट के प्रति कुछ EU देशों के रवैये को काफी असमान बताया. सांचेज ने शनिवार को वॉन डेर लेयेन को लिखे अपने पत्र में कहा, “ज्यादातर देशों ने हमें अपना समर्थन और एकजुटता दिखाई है, और मदद की पेशकश की है. वहीं, कुछ देशों ने स्पेन पर हमला करने और शेंगेन क्षेत्र से उसे कुछ समय के लिए बाहर करने की मांग करने का रास्ता चुना है.” उनका यह बयान, स्पेन के साथ वीजा-मुक्त शेंगेन यात्रा व्यवस्था को सस्पेंड करने की मांग करने वाले इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के प्रशासन के रुख की ओर इशारा करता है.

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