

छत्रपति संभाजीनगर:
हाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार सुबह हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया. “फेसबुक किंग” के नाम से पहचान रखने वाले 35 वर्षीय देवेश चंद्रेश दीक्षित उर्फ बंटी दीक्षित की बीच सड़क पर बेरहमी से हत्या कर दी गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का आरोप उसके पुराने दोस्त और कारोबारी प्रतिद्वंद्वी पवन पराशर पर है. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से वर्चस्व, कारोबार और आपसी अपमान को लेकर विवाद चल रहा था, जो आखिरकार खूनी अंजाम तक पहुंच गया.
सोशल मीडिया पर थी अलग पहचान
देवेश चंद्रेश दीक्षित उर्फ बंटी दीक्षित को छत्रपति संभाजीनगर में ‘फेसबुक किंग’ के नाम से जाना जाता था. उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थे. बाद में वह इंस्टाग्राम पर भी सक्रिय हो गया था. सोशल मीडिया पर मौजूद कई रील्स और वीडियो में बंटी तथा पवन पराशर को एक साथ देखा जा सकता है. बंटी भोजनालय का संचालन करने के साथ-साथ रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ा हुआ था. वह रामलीला उत्सव की गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाता था. उसके पिता रावण दहन कार्यक्रम के संस्थापक सदस्यों में शामिल बताए जाते हैं.
जिम से लौटते समय घटना को दिया अंजाम
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बंटी दीक्षित जिम से लौट रहा था. आरोप है कि पवन पराशर को उसके आने-जाने के समय की पूरी जानकारी थी. इसी दौरान सिडको एन-7 बजरंग चौक इलाके में आरोपी ने अपनी कार से बंटी की स्कूटी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही बंटी सड़क किनारे डिवाइडर पर जा गिरा. इसके बाद आरोपी कार से बाहर निकला और उस पर हमला शुरू कर दिया.
लोहे की रॉड और हॉकी स्टिक से किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंटी के गिरते ही आरोपी ने लोहे की रॉड और हॉकी स्टिक से उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. हमला इतना गंभीर था कि बंटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसमें हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है.
हत्या के बाद सीधे थाने पहुंचा आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी पवन पराशर अपनी कार लेकर सीधे सिडको पुलिस स्टेशन पहुंच गया. पुलिस के अनुसार उसने आत्मसमर्पण कर दिया. जानकारी के मुताबिक शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी काफी शांत दिखाई दिया और बार-बार केवल इतना कहता रहा, ‘मैंने मार दिया.’ पुलिस को शक है कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और आरोपी ने इसे पूरी तैयारी के साथ अंजाम दिया.
दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर
जांच में सामने आया है कि बंटी दीक्षित और पवन पराशर कभी बेहद करीबी दोस्त थे. बताया जाता है कि बंटी ने ही पवन को इस क्षेत्र में काम करने की शुरुआत कराई थी. समय के साथ दोनों के बीच कारोबारी प्रतिस्पर्धा बढ़ती गई. स्थानीय बार और रेस्टोरेंट्स में बाउंसर सर्विस के ठेकों को लेकर दोनों के बीच टकराव शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल गया. बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले एन-6 क्षेत्र के एक बार का बाउंसर ठेका बंटी से हटाकर पवन को दे दिया गया था. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के संबंध और खराब हो गए थे.
अपमान और वर्चस्व की लड़ाई बना कारण
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पवन पराशर का दावा है कि बंटी उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था. फरवरी में एक बार मालिक के सामने हुए कथित अपमान के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था. इसके बाद दोनों के बीच गाली-गलौज, तकरार और वर्चस्व की लड़ाई लगातार जारी रही. जांच एजेंसियां इसी एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं.
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने आरोपी की कार से चाकू और लोहे की रॉड भी बरामद की है. अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मृतक बंटी दीक्षित के खिलाफ भी विभिन्न थानों में अलग-अलग धाराओं के तहत सात मामले दर्ज थे. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और हत्या के पीछे की पूरी साजिश तथा घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है.
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