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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद क्या खत्म होगा आंदोलन? CJP ने डिमांड लिस्ट अपडेट की, कहा- 3 मांगें बाकी | Abhijit Dipke says CJP protest continue untill two demands met after Dharmendra Pradhan resignation



नई दिल्ली:

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर कॉक्रोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार दोपहर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. प्रधान के त्यागपत्र की खबर जैसे ही वायरल हुई, उस पर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे कॉक्रोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का रिएक्शन आया. उन्होंने इस्तीफे पर खुशी जताते हुए कहा कि अभी हमारी तीन और मांगे हैं.  उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी तीन और मांगें हैं. हमारी पहली मांग है कि पेपर लीक के कारण जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा दिया जाए,  दूसरी मांग ये कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं होना चाहिए. और हमारी तीसरी मांग सुरक्षाकर्मियों से जुड़ी है. हम चाहते हैं कि जिन सुरक्षाकर्मियों ने 20 तारीख को छात्रों को पीटा है वो सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगे. 

दीपके ने आगे कहा कि मीडिया वाले कहते थे, राजनेता कहते थे, नहीं देंगे इस्तीफा.. ये बहुत जिद्दी सरकार है. आप जानते नहीं हो क्या इस सरकार को. 36 दिन मुझे हर रोज ये सवाल पूछा जाता था. हर किसी ने यही कहा. इस्तीफा नहीं होगा तो क्या होगा. जब मैं अमेरिका से निकला था तो कई सारे लोग ये कहते थे, तुझे क्या लगता है कि इंडिया में क्रांति आएगी, देखो क्रांति आ गई. 

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफ़ा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं. डरना नहीं है, डरेंगे तो कैसी डेमोक्रेसी. ये इस्तीफा इस बात का गवाह है, अगर आप झुकेंगे नहीं तो अच्छे अच्छों का इस्तीफा ले सकते हो. 

दीपके ने कहा, कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है. जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवार वालों को मुआवजा मिलना चाहिए. दीपके ने कहा कि 20 जुलाई को जिन पुलिस अफसरों बल प्रयोग किया है, उन पर एक्शन होना चाहिए. अगर हम एक मंत्री का इस्तीफा ले सकते हैं तो याद रखना तुम लोग क्या हो. 20 जुलाई के बाद से जितने भी छात्रों पर केस हुए हैं, वो वापस होने चाहिए. ये हमारी जीत दिखाती है कि हमारा लोकतंत्र कैसा होना चाहिए. रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस वाले माफी भी मांगें. 







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