

लुधियाना:
लुधियाना के डाबा इलाके के गुरु नानक नगर में दामाद पर सास और पत्नी पर हमला करने का आरोप लगा है. सास और पत्नी पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी दामाद दलवीर सिंह उर्फ काका की दरिंदगी का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो ने पूरी घटना की सच्चाई सामने ला दी है कि कैसे आरोपी ने सरेआम अपनी गाड़ी से दहशत फैलाई और लोगों की जान लेने की कोशिश की.
3 बार आगे-पीछे की गाड़ी, दो लोगों को कुचला
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा है. इसी बीच आरोपी अपनी गाड़ी को तीन बार तेजी से आगे और पीछे करता है.
वीडियो में एक व्यक्ति बाइक के नीचे गिरा हुआ नजर आ रहा है. आरोपी जानबूझकर अपनी गाड़ी बैक ले जाकर उस गिरे हुए शख्स पर चढ़ा देता है और फिर गाड़ी आगे कर लेता है. इसके बाद वह फिर से उसी पर गाड़ी चढ़ाता है.
इतना ही नहीं इसके बाद वह अपनी गाड़ी को थोड़ा और आगे लेकर जाता है जहां सड़क पर एक अन्य व्यक्ति गिरा हुआ था. बेरहम आरोपी उस दूसरे व्यक्ति पर भी अपनी गाड़ी चढ़ा देता है.
भीड़ ने किया पथराव तो मौके से हुआ फरार
आरोपी की इस हरकत को देखकर वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आरोपी को रोकने और घायल लोगों को बचाने के लिए भीड़ ने उसकी गाड़ी पर पत्थर भी मारे, लेकिन आरोपी अपनी गाड़ी को तेजी से भगाते हुए वहां से फरार होने में कामयाब हो गया.
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काम पर जा रही सास को रोका, तोड़ी उंगली
यह पूरी घटना रविवार दोपहर की है. बाउंसर का काम करने वाली पीड़ित जस्सी अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी.
तभी लोहारा गांव के रहने वाले उसके पूर्व दामाद दलवीर सिंह उर्फ काका ने आकर उसके साथ सरेआम मारपीट शुरू कर दी. आरोपी ने जस्सी के हाथ मरोड़े, हथियार दिखाए और उसकी उंगली तोड़ दी.
पत्नी और बेटे को मारने की दी धमकी
जब जस्सी की बेटी कमलप्रीत कौर अपनी मां को बचाने मौके पर पहुंची तो आरोपी ने उसके साथ भी गाली-गलौज और हाथापाई की.
कमलप्रीत और आरोपी दलवीर का पहले ही तलाक हो चुका है. कमलप्रीत के मुताबिक, आरोपी ने उसे और उसके 8 साल के बेटे को जान से मारने की धमकियां दीं.
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हत्या का मामला है दर्ज
पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी काका चिट्टा (नशा) बेचने का काम करता है और उस पर पहले भी कत्ल का मामला दर्ज है, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर बाहर है.
पीड़ितों का प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप है कि घटना के वक्त उन्होंने डाबा थाने को कई बार फोन किया लेकिन पुलिस ने कॉल नहीं उठाया. इसके बाद जब वे घायल हालत में शाम 5 बजे सिविल अस्पताल गए तो वहां भी उन्हें बिना मेडिकल के दूसरे अस्पताल भेज दिया गया.
अब पीड़ित परिवार ने प्रशासन से इस गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.





