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दिल्ली की HR जॉब छोड़ गोवा में बसी युवती को मिले ताने, फिर बताई अपने जीवन की असल सच्चाई | Delhi Woman Girl Quits corporate Jobs Shifts Goa Shares Education Loan Struggle Story


Viral Video: दिल्ली में अच्छी खासी सैलरी वाली कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर एक युवती अर्पिता गोवा में जाकर बस गई. इसके बाद उसे इंस्टाग्राम पर ताने मिलने लगे तो उसने अपने जीवन की सच्चाई सबके सामने लाकर रख दी. युवती ने बताया कि एक शाम जब वह पढ़ाई कर रही थी तो उसने अपने पापा को मां से यह कहते हुए सुना कि चाहू कुछ भी हो जाए. मैं अपने बच्चों को किसी भी चीज की कमी नहीं होने दूंगा. अपने पापा की बात सुनकर उसी दिन उसने कड़ी मेहनत करने का फैसला किया और पढ़ाई के लिए जी-जान लगा दिया.

4 साल की कड़ी मेहनत

अर्पिता ओडिशा में भद्रक की रहने वाली हैं. उनके पापा एयरफोर्स में नौकरी करते थे. उन्होंने अभी हाल में दिल्ली में अपनी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी और दिल्ली से दूर गोवा शिफ्ट होने का फैसला किया. अर्पिता दिल्ली में एक कंपनी में HR थीं. इंस्टाग्राम पर अर्पिता ने दिल्ली से गोवा शिफ्ट होने का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि मैं दिल्ली छोड़ी और गोवा आ गई. मैंने अपनी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी. मैंने साढ़े चार साल तक कड़ी मेहनत की, अपना MBA पूरा किया. 

अर्पिता का कहना है कि जब भी वह किसी नए शहर में जाती हैं, तो हमेशा यही सवाल मन में आता है कि क्या उनको यहां अपने जैसे लोग मिलेंगे? क्या उन्हें यहां अपना मकसद मिलेगा? पर उन्हें पूरी उम्मीद है कि यह जगह उनके लिए एक ‘घर’ बन जाएगी और अपने लोग मिल जाएंगे.

युवती ने शुरू किया ट्रैवलिंग

वह वीडियो में कहती हैं, “मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी इन सूटकेसों में पैक कर ली. जब दिल्ली से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंची तो एक बहुत ही अलग एहसास था. लोग तस्वीरें ले रहे थे, लेकिन मेरे लिए, यह एक ऐसी जगह है जहां मैं अब बसने जा रही थी.” इसके बाद अर्पिता के वीडियो पर काफी कमेंट्स आए. कुछ लोगों ने उनके फैसले की तारीफ की तो कुछ लोग उनको नौकरी छोड़कर गोवा बसने पर ताने मारने लगे.

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अपने माता-पिता के साथ अर्पिता

वीडियो पर यूजर ने कमेंट कर मारे ताने

एक यूजर ने कमेंट करते हुए कहा कि बाप के पास ढेर सारा पैसा होगा, तभी चुल है और मोटिवेशन है. जिस पर अर्पिता ने एक और वीडियो पोस्ट करके ताने मारने वाले लोगों को जवाब दिया. उन्होंने वीडियो में लोगों को जवाब देते हुए कहा कि मैं समझ सकती हूं कि लोग ऐसा क्यों सोचते हैं. इंटरनेट पर अक्सर सिर्फ अच्छी बातें ही दिखती हैं, लेकिन मेरी कहानी का एक ऐसा हिस्सा भी है जो आप नहीं जानते. 

अर्पिता आगे वीडियो में बताती हैं, “मैं ऐसे शहर से आती हूं, जहां का माहौल पूरी तरह से पारंपरिक और रूढ़िवादी है. मैं जब 11 साल की थी, तब मेरे पिता जी ने एयरफोर्स की नौकरी छोड़ दी और एक साल बेरोजगार रहे. उस दौरान उस दौरान हम सिर्फ बहुत ज़रूरी चीज़ों पर ही खर्च करते थे.”

पिता की एक बात ने बदल दी जिंदगी

उन्होंने बताया कि एक शाम जब मैं पढ़ रही थी तो मैंने पिताजी को मां से यह कहते हुए सुना कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अपने बच्चों को किसी भी चीज़ की कमी नहीं होने दूंगा. उसी पल मैंने तय कर लिया कि मुझे बहुत मेहनत करनी है. मैंने सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया, जिसकी फीस शायद उस फोन की कीमत से भी कम होगी, जिसे आप अभी अपने हाथ में पकड़े हुए हैं.

मेरी मेहनत यहीं नहीं रुकी. जब बाकी सब मजे करने में व्यस्त थे, तब मैंने MBA में दाखिला पाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की. इसके लिए मैंने 20 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया, जिसे मैंने खुद ही चुकाया है. अभी भी 6 लाख रुपये का लोन बाकी है, जिसकी EMI मुझे हर महीने भरनी पड़ती है. मैं इस साल इसे पूरी तरह चुकाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं.

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अर्पिता ने बताया अपना रूटीन

अपनी संघर्ष भरी दिनचर्या के बारे में अर्पिता ने बताया कि सुबह उठकर जिम जाना, ‘हीरोक्स’ (Hirocks) के लिए तैयारी करना, ऑफिस जाने से पहले 10-15 मिनट का वीडियो शूट करना, फिर ऑफिस भागना, वहां पूरे दिन कड़ी मेहनत करना और टॉक्सिक वर्क एनवायरनमेंट (खराब कामकाजी माहौल) को झेलना, घर वापस आकर फिर से वीडियो शूट करना, एडिट करना और पोस्ट करना मेरे जीवन का हिस्सा है.

अर्पिता के अनुसार, आखिरकार जब मुझे कंटेंट क्रिएशन से अच्छी कमाई होने लगी, लेकिन साथ ही काम का माहौल इतना खराब हो गया कि मुझे मेंटल ब्रेकडाउन होने लगे और थेरेपी लेनी पड़ी, तब मैंने नौकरी छोड़ने और गोवा आने का फैसला किया. मैं हर दिन स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में बेहतर होना सीख रही हूं. मैं अन्य क्रिएटर्स के कोर्स भी कर रही हूं ताकि मैं और बेहतर बन सकूं. मैं अपनी ‘नौ से पांच’ वाली नौकरी के मुकाबले अब और भी ज्यादा घंटे काम करता हूं. इसलिए, आपकी बात गलत नहीं है. मेरे पिता ने मुझे आज जैसी जिंदगी पाने में मदद जरूर की है, लेकिन उस तरह से नहीं, जैसा आप सोच रहे हैं. 

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