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लाल किले पर पहली बार गाया गया 150 साल पुराना राष्ट्रीय गीत, लता मंगेशकर की आवाज ने किया था अमर | 150 year old national song vande maatram was written even before India independence and was later immortalized by the voice of Lata Mangeshkar



नई दिल्ली:

15 अगस्त यानी आज पूरा देश वंदे मातरम सेलिब्रेट कर रहा है. वहीं इस खास मौके पर लाल किले पर जहां तिरंगा फहराया गया तो वहीं वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर पहली बार इस खास अवसर पर गाया गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 150 साल पहले लिखे इस राष्ट्रगीत को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज में अमर बनाया है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि जब ये लिखा गया था, तब भारत आजाद भी नहीं हुआ था. आखिर कैसे एक गाना इतने साल बाद भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. इसकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है.

जब एक गाना बन गया लोगों की ताकत

इस गाने को साल 1876 में मशहूर राइटर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था. करीब छह साल बाद उन्होंने इसे अपने मशहूर उपन्यास आनंदमठ में भी शामिल किया. उस समय भारत आजादी के लिए लड़ रहा था. ऐसे में ये गाना लोगों का हौसला बढ़ाने लगा. धीरे-धीरे ये हर भारतीय की जुबान पर चढ़ गया और देश के लिए प्यार दिखाने का सबसे बड़ा जरिया बन गया.

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पहली बार फिल्म में ऐसे हुई एंट्री

इस गाने की एंट्री बड़े पर्दे पर साल 1952 में आई फिल्म आनंदमठ से हुई. इसे लता मंगेशकर और हेमंत कुमार ने अपनी आवाज दी. फिल्म में भारत भूषण, पृथ्वीराज कपूर, प्रदीप कुमार और गीता बाली जैसे बड़े सितारे नजर आए. हालांकि, इससे भी पहले साल 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार लोगों के सामने गाया था. तभी से ये गाना लगातार लोगों तक पहुंचता रहा.

इन फिल्मों में भी सुनाई दी इसकी गूंज

समय के साथ कई फिल्ममेकर्स ने भी इस गाने की ताकत को समझा. यही वजह है कि वंदे मातरम् (1985), कभी खुशी कभी गम (2001), रोमियो अकबर वॉल्टर (2019) और फाइटर (2024) जैसी फिल्मों में भी इसे अलग-अलग अंदाज में इस्तेमाल किया गया. हर बार दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया और ये फिर से चर्चा में आ गया.

150 साल बाद भी लोगों की पहली पसंद

आज मोबाइल, ओटीटी और सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन इस गाने का असर बिल्कुल कम नहीं हुआ. स्कूल हो, देश के खास दिन हों या कोई बड़ी फिल्म, इसकी धुन बजते ही माहौल बदल जाता है. यही वजह है कि करीब 150 साल बाद भी ये गाना सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के दिल की आवाज बना हुआ है.

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