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रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर, अब ओलेश्की शहर में नहीं होगा हमला… मेलानिया ट्रंप थी मध्यस्थ | Ceasefire Implemented In Ukraine Oleshky Area Through Melania Trump’s Mediation Efforts



करीब साढ़े चार साल से युद्ध की मार झेल रहे यूक्रेन के शहर ओलेश्की में आखिरकार कुछ राहत की उम्मीद जगी है. अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से कराया गया स्थानीय युद्धविराम मंगलवार सुबह लागू हो गया. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह एक दुर्लभ घटनाक्रम माना जा रहा है. मेलानिया ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि ओलेश्की और उसके आसपास के इलाकों में युद्धविराम तय समय से दो दिन पहले लागू किया गया है. उनके मुताबिक यह फैसला नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी मानवीय सहायता की आपूर्ति आसान बनाने के लिए लिया गया.

यह युद्धविराम यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में स्थित ओलेश्की शहर पर केंद्रित है. यह इलाका लंबे समय से संघर्ष का सामना कर रहा है और लगातार लड़ाई के कारण यहां भारी तबाही हुई है. मेलानिया ट्रंप ने दावा किया कि युद्धविराम का दायरा केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि खेरसॉन क्षेत्र के कुछ अन्य हिस्सों तक भी बढ़ाया गया है ताकि लोगों को सुरक्षित आवाजाही का अवसर मिल सके.

इससे पहले व्हाइट हाउस की ओर से युद्धविराम कराने की कई कोशिशें सफल नहीं हो सकी थीं. अक्टूबर में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए की गई पहल भी आगे नहीं बढ़ पाई थी. उस दौरान मॉस्को ने युद्धविराम की अपील नहीं मानी और कीव के बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे थे.

व्हाइट हाउस क्या कह चुका है?

व्हाइट हाउस ने पिछले शुक्रवार को इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने और युद्धविराम के उद्देश्यों पर सहमति बनाने में मेलानिया ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई. मेलानिया ने यह भी कहा कि युद्धविराम की निगरानी के लिए एक “निष्पक्ष अमेरिकी मीडिया संगठन” को तैनात किया जाएगा. हालांकि मंगलवार तक व्हाइट हाउस ने इस संगठन की स्थिति पर कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी.

यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेत्स ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि युद्धविराम प्रभावी हो चुका है. वहीं मेलानिया ट्रंप के अनुसार रूस की सशस्त्र सेनाओं के जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल वैलेरी गेरासिमोव ने भी युद्धविराम लागू होने की पुष्टि की है.

कूटतीनिक हलचल भी तो तेज

इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मंगलवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्तोरे ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की. स्टब ने इस बातचीत को ‘स्पष्ट और सार्थक’ बताया. यह बातचीत अगले महीने होने वाली वॉशिंगटन, कीव और मॉस्को के बीच प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता से पहले हुई है.

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