

UP Police SI Training Center : उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी हो चुका है. इस भर्ती में कुल 4,543 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. हालांकि, भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. अब चयनित उम्मीदवारों के सामने भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण ट्रेनिंग और नियुक्ति का है. इन सभी को अब ट्रेनिंग और विभागीय औपचारिकताओं से गुजरना होगा. आइए जानते हैं कि दरोगाओं की ट्रेनिंग किन संस्थानों में होती है, वहां क्या सिखाया जाता है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पहली पोस्टिंग कैसे मिलती है.
कहां होगी ट्रेनिंग?
उत्तर प्रदेश पुलिस के Training Directorate के तहत दरोगाओं को ट्रेनिंग दी जाती है. चयनित उम्मीदवारों को बैच और उपलब्ध सीटों के हिसाब से अलग-अलग ट्रेनिंग संस्थानों में भेजा जाता है. प्रमुख संस्थानों में डॉ. भीमराव आंबेडकर उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी, मुरादाबाद, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, मुरादाबाद और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सीतापुर शामिल हैं.
ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाता है?
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को सिर्फ शारीरिक अभ्यास ही नहीं कराया जाता, बल्कि पुलिसिंग से जुड़े कई अहम सब्जेक्ट्स भी पढ़ाए जाते हैं. इनमें भारतीय कानून, अपराध की जांच, पुलिस स्टेशन का कामकाज, हथियारों का संचालन, फायरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर अपराध, महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों की जांच, मानवाधिकार, भीड़ नियंत्रण और व्यवहार संबंधी ट्रेनिंग जैसे विषय शामिल होते हैं. इसका मकसद उम्मीदवारों को मैदान में जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार करना होता है.
कब मिलेगी पहली तैनाती?
पहली तैनाती की तारीख को लेकर यूपी पुलिस की ओर से कोई सार्वजनिक समय-सीमा जारी नहीं की गई है. ट्रेनिंग और विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही चयनित दरोगाओं को पहली तैनाती दी जाती है. किस जिले, पुलिस लाइन, थाने या अन्य यूनिट में तैनाती होगी, इसका फैसला पुलिस मुख्यालय और विभागीय जरूरतों के आधार पर किया जाता है.
पहली पोस्टिंग का स्थान सभी अभ्यर्थियों के लिए एक जैसा नहीं होता. यह विभाग की जरूरत, उपलब्ध रिक्तियों और प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करता है. इसलिए अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद विभाग की ओर से जारी आदेश का इंतजार करना होता है.
ये भी पढ़ें – क्या है नॉर्मलाइज्ड स्कोर, यूपी दरोगा भर्ती के रिजल्ट के बाद जिसका इंतजार कर रहे अभ्यर्थी





