
मुरैना जिले की कैलारस जनपद पंचायत क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत मुख्यालय बघरोली गांव में आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं का आभाव देखा जा रहा है. यहां शवों के दाह संस्कार के लिए श्मशान भूमि तक नहीं बनाई गई है, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक गांव में मुक्ति धाम बनाने की मांग की गई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई.
दरअसल, बघरोली में मुक्तिधाम नहीं होने से एक माह के दौरान आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों की मृत्यु के पश्चात अंतिम संस्कार परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. बरसात के दिनों में यह परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है. ग्रामीणों के मुताबिक, वर्षाकाल के दौरान नदी के कच्चे रपटों से ऊपर पानी निकलने से शव को गांव से बीहड़ में ले जाने में जान की जोखिम बनी रहती है.
एमपी में किसानों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, सिंचाई में होगी बड़ी आसानी
आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं का आभाव
बताया गया कि पंचायत मुख्यालय बघरोली में विगत दिवस 33 वर्षीय महिला की आकस्मिक मृत्यु हो गई. अंतिम संस्कार के लिये बीहड़ों में ले जाना ग्रामीणों की मजबूरी था. वर्षा के कारण कच्चे रास्ते कीचड़ भरे थे. वहीं अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने के लिये स्थानीय सूखी नदी पार करने की मजबूरी ग्रामीणों को थी. आजादी के सात दशक बाद भी ग्राम पंचायत मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी देखा जा रहा है.
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मुक्तिधाम बनाने की मांग
इस दौरान आई परेशानियों से आक्रोशित ग्रामीण जन ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं. ग्रामीण वर्षों से मुक्तिधाम की समस्या से जूझ रहे हैं. पूर्व में भी जिला प्रशासन के समक्ष मुक्तिधाम व उसके मार्ग के निर्माण की मांग ग्रामीणों की तरफ से की जा चुकी है. विगत दिवस सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रामीण जन ने मुक्तिधाम निर्माण की मांग की है.
ग्रामीण विकास अधिकारी ने दिया मुक्तिधाम बनवाने का आश्वासन
हालांकि जिले में ग्रामीण विकास अधिकारी ने वर्षाकाल के बाद गांव में मुक्तिधाम निर्माण कराने का भरोसा दिया है. बहरहाल जिले की कैलारस जनपद पंचायत क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत बघरोली में मुक्तिधाम कब निर्मित हो पायेगा यह तो भविष्य के गर्त में है.
युवा धर्म संसद ने हमें समझाया है धर्म का वास्तविक महत्व :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Input By : उपेंद्र गौतम