
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र निरस्त कराने का षड्यंत्र कांग्रेस नेताओं ने ही रचा है.
दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का जानकारी छुपाने पर नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया, उसके बाद से भोपाल से लेकर दिल्ली तक राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का बीजेपी की ओर से जवाब दिया जा रहा है.
‘हार के डर से फॉर्म में रखी गलती’
इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “कांग्रेस ने जानबूझकर हार के डर से षड्यंत्र रचकर अपने प्रत्याशी के फॉर्म में गलती रखी. इस सीट पर कांग्रेस के कई नेताओं की नजर थी, जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो यह खेल बिगाड़ने का काम कांग्रेसियों ने किया. यह कितनी छोटी बात है कि जब कोई भी पंच और सरपंच का फॉर्म भरता है, तो उसे अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं देनी चाहिए, जो 10-10 बार चुनाव लड़ चुके हैं. ऐसे नेताओं ने यह षड्यंत्र जानबूझकर रचा है.”
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‘कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं’
कांग्रेस पर तंज कसते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, “एक तरफ आपको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं, इसलिए प्लेन लेकर उन्हें डराने का, धमकाने का नाटक करने का प्रयास किया. अब सारी कलई खुल गई तो कांग्रेस को आत्म विश्लेषण करने की जरूरत है.”
‘कांग्रेस अपने नेतृत्व को ही स्वीकार नहीं कर रही’
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा, “बीजेपी के लिए यह अच्छी बात है कि हमने बीते लोकसभा चुनाव में कमलनाथ की सीट जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था. वर्तमान में 29 लोकसभा सीट बीजेपी की है. उसके बाद इंदौर में भी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अपना उम्मीदवार चुनाव में न उतर सके. अपने प्रत्याशियों का फॉर्म नहीं भर पाए, वह अपने विधायकों को एकजुट नहीं कर पाए, जो अपने नेतृत्व को ही स्वीकार नहीं कर रही है, तो फिर बीजेपी क्या करेगी.”
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