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मरा हुआ बच्चा पीठ पर लेकर कई दिनों तक समुद्र में भटकती रही डॉल्फिन, ड्रोन VIDEO भावुक कर देगा | dolphin mother Grieving carries dead baby calf for days Viral Video from Australia Leschenault Estuary


मरा हुआ बच्चा पीठ पर लेकर कई दिनों तक समुद्र में भटकती रही डॉल्फिन, ड्रोन VIDEO भावुक कर देगा

मरा हुआ बच्चा पीठ पर लेकर कई दिनों तक समुद्र में भटकती रही डॉल्फिन (फोटो- जिओग्राफ मरीन रिसर्च)

ऑस्ट्रेलिया से लगे समुद्र के पानी में लोगों ने एक ऐसा मंजर देखा है, जिसने सभी को भावुक कर दिया. यहां एक डॉल्फिन मां कई दिनों तक अपने मृत बच्चे को अपने साथ लेकर तैरती रही. इस डॉल्फिन का नाम फ्रैगल है. फ्रैगल का बच्चा सिर्फ दो हफ्ते पहले पैदा हुआ था, लेकिन जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई. इसके बावजूद मां ने उसे छोड़ने से इनकार कर दिया. समंदर में वह अपने बच्चे को कभी अपनी पीठ पर उठाती, कभी उसे आगे धकेलती और कभी उसके साथ-साथ तैरती नजर आई.

यह घटना पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के लेशेनॉल्ट एस्टुअरी में हुई. इस इलाके में रहने वाली रिसर्च टीम जिओग्राफ मरीन रिसर्च ने इस दर्दनाक पल का वीडियो रिकॉर्ड किया है. उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट बताया कि फ्रैगल पिछले कई दिनों से अपने बच्चे के साथ दिखाई दे रही है. रिसर्चरों के मुताबिक, फ्रैगल पहले भी अपने चार बच्चों को खो चुकी है. टीम को पहले से अंदाजा था कि सर्दियों के मौसम में पैदा हुए इस बच्चे के लिए जिंदा रहना आसान नहीं होगा. कुछ समय पहले ही उन्होंने देखा था कि बच्चे की सांसें बहुत तेज चल रही थीं. तभी उन्हें डर लगने लगा था कि शायद वह ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाएगा.

वैज्ञानिकों का कहना है कि डॉल्फिन अपने बच्चों के साथ बहुत गहरा रिश्ता बनाती हैं. जब किसी बच्चे की मौत हो जाती है, तो कई बार मां उसे घंटों या फिर कई दिनों तक अपने साथ लेकर घूमती रहती है. वैज्ञानिक इस व्यवहार को शोक या दुख से जोड़कर देखते हैं.

फ्रैगल अकेली नहीं थी!

वीडियो में एक और दिल छू लेने वाली बात दिखाई दी. दुख की इस घड़ी में फ्रैगल अकेली नहीं थी. उसके आसपास दूसरी डॉल्फिन भी तैरती नजर आईं. ऐसा लग रहा था जैसे वे भी उसके दुख में शामिल हों. रिसर्च टीम का कहना है कि उस दिन समुद्र से आई कुछ दूसरी डॉल्फिन भी स्थानीय डॉल्फिनों के साथ मौजूद थीं. लेशेनॉल्ट एस्टुअरी में डॉल्फिनों की संख्या बहुत कम है. यहां हर साल नवजात डॉल्फिन देखने को भी नहीं मिलतीं. ऐसे में यह घटना न सिर्फ दुखद है, बल्कि यह भी दिखाती है कि डॉल्फिनों के बीच परिवार और साथ का रिश्ता कितना मजबूत होता है.

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