मध्य प्रदेश

दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा पर अब होगा अंतिम फैसला, BJP में मंथन तेज


दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में मंथन और समीक्षा का दौर तेज हो गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, दतिया उपचुनाव से जुड़े मंत्री और नेता मौजूद रहे.

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने बैठक में चुनाव के दौरान कथित भीतरघात और स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिलने के आरोप संगठन के सामने रखे. उन्होंने कुछ नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए. पार्टी नेतृत्व ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी है.

बताया जा रहा है कि प्रदेश संगठन अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को भेजेगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार नेताओं और पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, दतिया जिले के कई बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई के साथ-साथ जिला बीजेपी कार्यकारिणी को भी भंग किए जाने की चर्चा है.

नरोत्तम मिश्रा पर फैसला दिल्ली से होगा

पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया जिला अध्यक्ष और जिला बीजेपी कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था. हालांकि चुनाव को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने सभी इस्तीफे नामंजूर कर दिए थे और नेताओं को चुनाव में सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद बीजेपी उपचुनाव हार गई. खास बात यह रही कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा और जिला अध्यक्ष के बूथों पर भी बीजेपी बढ़त हासिल नहीं कर सकी. सूत्रों का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर अंतिम फैसला दिल्ली हाईकमान ही करेगा.

हार की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित

बीजेपी ने हार के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनाई है. प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराडा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. दोनों नेता चुनाव प्रचार में शामिल मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश संगठन और हाईकमान को सौंपेंगे. इसी रिपोर्ट के आधार पर जवाबदेही तय की जाएगी.

6016 वोटों से हारी बीजेपी

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया. इसके बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी और कथित भीतरघात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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बीजेपी की हार के बाद नेताओं के बयान

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि है. कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर हो, यदि अनुशासनहीनता हुई है तो कार्रवाई जरूर होगी. वहीं बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि मैं उचित पार्टी फोरम पर अपनी बात रखूंगा. पाप छिपता नहीं है, कुछ लोगों ने अपना चरित्र दिखाया है. सिर्फ पार्टी को मां कहने से कुछ नहीं होता. 

पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरी मेहनत की लेकिन कुछ लोगों ने विश्वासघात किया, जिसकी वजह से बीजेपी चुनाव नहीं जीत सकी. 

वहीं कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने नहीं, लेकिन उनके समर्थकों ने हमारी मदद की. वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी दावा किया कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों ने कांग्रेस की मदद की.



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