

मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव इस बार समय से पहले हो सकते हैं. एमपी की मोहन यादव सरकार 23 हजार पंचायतों में इस बार कार्यकाल पूरा होने से पहले ही चुनाव कराने की तैयारी में दिख रही है. पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अप्रैल-मई 2027 में मध्य प्रदेश में पंचायतों के चुनाव हो सकते हैं. क्योंकि सरकार इस बार पंचायत राज व्यवस्था बदलाव की तैयारी में दिख रही है. आम तौर पर पंचायतों का कार्यकाल जुलाई-अगस्त तक पूरा होना था, लेकिन सरकार उसके पहले ही चुनाव कराना चाहती है, जिसके लिए पंचायत विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं.
एमपी में पंचायत चुनाव की तैयारियां
मध्य प्रदेश में पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव साल 2022 में जून-जुलाई के बीच में तीन चरणों में कराए गए थे. लेकिन इस बार सरकार पांच साल पूरा होने से 2 से 3 महीने पहले यानि अप्रैल-मई 2027 में ही चुनाव करवा सकती है. इसके पीछे की 2 वजह मानी जा रही हैं, पहली यह कि सरकार बारिश का सीजन शुरू होने से पहले ही पंचायत चुनाव करा लेना चाहती है. दूसरा पंचायतों के गठन में पर्याप्त समय लिया जाएगा. ऐसे में आगामी मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची 1 जनवरी 2027 तक की स्थिति में तैयार करने की योजना है. हालांकि अभी सरकार ने तारीखों का ऐलान नहीं किया है.
मध्य प्रदेश में पंचायत व्यवस्था
- 52 जिला पंचायत (3 नए जिले बनने से यह संख्या 55 हो सकती है)
- 313 जनपद पंचायत
- 23006 ग्राम पंचायत
पंचायत मंत्री ने दिए संकेत
मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस बार चुनाव जल्द होंगे. बालाघाट जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि इस बार के पंचायत चुनाव कार्यकाल पूरा होने से 1 या 2 महीने पहले ही करवा लिए जाएंगे. इससे पंचायतों को समय पर कार्यभार सौंप दिया जाएगा. खास बात यह है कि पंचायत राज नियमों में इस बार बदलाव भी होगा. इसके लिए सरकार नोटिफिकेशन जारी करने वाली है.
पंचायत समितियों को मिलेंगे अधिकारी
मध्य प्रदेश सरकार नियमों में बदलाव करते हुए अब पंचायत समितियों को अधिकार सौंपने की तैयारी है. जिसमें ग्राम सभा की अनिवार्यता पहले की तरह रहेगी. लेकिन इसके अधिकार पंचायत समितियों को मिलेंगे, जिसमें नगर निगम की तरह पंचायतों के पास भी टैक्स लगाने और पंचायत चलाने का अधिकार होगा. हालांकि नियमों की पूरी जानकारी अभी पंचायत मंत्रालय की तरफ से जारी नहीं की गई है.
एमपी में होंते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव की व्यवस्था त्रिस्तरीय होती है. जिसमें सबसे पहले जिला पंचायत की कार्यकारिणी बनती है, जिसमें जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होते हैं. चुने हुए सदस्यों में ही कार्यकारिणी बनती है, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन होता है. दूसरे स्तर पर जनपद पंचायत के चुनाव होते हैं, जिसमें जनपद सदस्य चुने जाते हैं. यहां भी चुने हुए सदस्य कार्यकारिणी बनाते हैं, जिसमें जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन होता है. वहीं तीसरे स्तर पर ग्राम पंचायत के चुनाव होते हैं, जिसमें सरपंच और पंच पद के लिए चुनाव होता है.
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