खबर

मध्य प्रदेश छात्रावास घोटाला: ADM पीके पांडे की नौकरी पर लटकी ‘तलवार’, IAS ने कमिश्नर को भेजा प्रस्ताव | rewa hostel scam mauganj adm pk pandey suspension proposal collector letter commissioner



मध्य प्रदेश के रीवा जिले में छात्रावासों की मरम्मत और बिजली-पानी जैसी अन्य सामग्रियों की खरीदी में हुए लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपये के घोटाले में दो बाबुओं के निलंबन के बाद अब मऊगंज में पदस्थ ADM पी.के. पांडे पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है. घटना के समय पी.के. पांडे आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक के प्रभार में थे. रीवा कलेक्टर ने कमिश्नर को ADM के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेज दिया है.

ADM पर कार्रवाई के लिए रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कमिश्नर शैलेंद्र सिंह को पत्र लिखा है. वजह यह है कि जब पी.के. पांडे आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक का प्रभार संभाल रहे थे, उस दौरान उन्हें विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. हालांकि, ADM पी.के. पांडे द्वारा दिए गए जवाब से कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी असंतुष्ट रहे, जिसके चलते उन्होंने कमिश्नर को कार्रवाई हेतु पत्र भेजा है.

आदिम जाति कल्याण विभाग में घोटाले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने एक जांच समिति का गठन किया था. जांच में ADM की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उन्हें नोटिस दिया गया था. नोटिस का जवाब असंतोषजनक मिलने पर कलेक्टर ने कमिश्नर को पत्र लिखने का कदम उठाया.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कमल सिंह बघेल नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्रावासों की मरम्मत और सामग्री खरीदी में भारी भ्रष्टाचार हुआ है. कमल सिंह की शिकायत के आधार पर एक जांच समिति गठित की गई, जिसमें शिकायत को सही पाया गया. जांच में खुलासा हुआ कि आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों की मरम्मत कराए बिना ही मरम्मत के नाम पर राशि का आहरण कर लिया गया. इतना ही नहीं, छात्रावासों में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के नाम पर भी सरकारी पैसे की बंदरबांट की गई.

दो बाबू पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड

इस मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग (मध्य प्रदेश) की स्टोर और निर्माण शाखा के बाबू विकास तिवारी और पटेल बाबू को रीवा कलेक्टर पहले ही निलंबित कर चुके हैं. जिस समय यह घोटाला हुआ, उस समय पी.के. पांडे आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रभारी पद पर तैनात थे. उनकी भूमिका पर सवाल उठने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन उनके जवाब से कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कमिश्नर को उन्हें निलंबित करने के लिए पत्र लिख दिया.

2.5 से 3 करोड़ रुपये के बीच का है घोटाला

वर्तमान में मऊगंज ADM पी.के. पांडे जिस मामले में जांच के बाद निलंबन के दायरे में आए हैं, वह रीवा जिले के 110 छात्रावासों के रखरखाव  से जुड़ा हुआ है. सामान्यतः शासन की ओर से प्रति छात्रावास 5 लाख रुपये रखरखाव के लिए आवंटित किए जाते हैं. अधिकतर छात्रावासों के नाम पर राशि आई थी, लेकिन छात्रावास अधीक्षकों पर दबाव बनाकर बिना कोई कार्य कराए ही यह राशि निकाल ली गई.

रीवा ADM और प्रशिक्षु IAS ने की थी जांच

शिकायतकर्ता कमल सिंह द्वारा मामला उजागर किए जाने के बाद वर्तमान रीवा ADM सपना त्रिपाठी और प्रशिक्षु IAS प्रपंच आर. ने पूरे मामले की गहन जांच की थी. जांच अधिकारियों ने शिकायत को सही पाया, जिसके आधार पर दो बाबुओं को निलंबित किया गया. पी.के. पांडे उस समय रीवा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर थे और आदिम जाति कल्याण विभाग का प्रभार संभाल रहे थे. उस समय भी उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की बात कही गई थी, जो अब जाकर अमल में आ रही है.

लगभग 2 साल से लंबित है मामला

जिस मामले में मऊगंज ADM पी.के. पांडे पर निलंबन का संकट मंडरा रहा है, वह पिछले 2 वर्षों से लंबित चल रहा था. जब यह घोटाला हुआ था, उस समय रीवा की कलेक्टर प्रतिभा पाल थीं. उन्होंने दो बाबुओं को तो सस्पेंड कर दिया था, लेकिन पी.के. पांडे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा

ADM जैसे वरिष्ठ पद पर तैनात अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कोई साधारण मामला नहीं है. इस मुद्दे को रीवा जिले के कई विधायकों द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठाया गया था, लेकिन किसी न किसी वजह से पी.के. पांडे लगातार बचते रहे. अब जब नए कलेक्टर ने पदभार संभाला है, तो यह मामला एक बार फिर सामने आया है और कार्रवाई की फाइल कमिश्नर की टेबल तक पहुंच चुकी है.

 यह भी पढ़ें-  IAS अपूर्वा पाण्‍डे उत्तराखंड की सबसे युवा कलेक्टर, जान‍िए ‘मन्नू’ से यंगेस्‍ट DM बनने तक की पूरी कहानी

यह भी पढ़ें-  IAS दिव्या मित्तल: जिस गांव में कुंवारे रह जाते थे लड़के! महिला DM ने ऐसे बदली वहां की तकदीर?




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button