
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस कॉलेज से निकले कई लोगों ने सफलता की कहानियां गढ़ी हैं. यहां से निकले लोग धुरंधर ना सही, लेकिन धूम को खूब मचाई है. उन्होंने कहा कि आज का दिन श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के लिए ऐतिहासिक है. मैं आप सभी को SRCC के इस समारोह के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई संस्थान 100 साल का होता है तो वह उपलब्धियों और प्रेरणाओं का महासागर हो जाता है. 100 वर्ष की इस यात्रा में SRCC ने पीढ़ियों को उज्जवल भविष्य से जोड़ा है. इसकी यात्रा दरियागंज के एक छोटे से स्थान से शुरू हुई थी और अब यह एक विशाल वृक्ष बन चुका है, जिसने कई पीढ़ियों को छाव दी है.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “… हमारे अरुण जेटली जी भी यही से पढ़े थे। मैं कह सकता हूं कि शायद हमारी कोई मुलाकात ऐसी नहीं होती थी जब वे SRCC की कोई घटना न सुनाते हों… यहां से कई कलाकार, नेता और वकील निकले हैं। SRCC के लोगों ने हर क्षेत्र में धूम मचाई… pic.twitter.com/iddZH80pZP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 5, 2026
उन्होंने कहा कि हमारे अरुण जेटली जी भी यही से पढ़े थे. मैं कह सकता हूं कि शायद हमारी कोई मुलाकात ऐसी नहीं होती थी, जब वे SRCC की कोई घटना न सुनाते हों. यहां से कई कलाकार, नेता और वकील निकले हैं. SRCC के लोगों ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है.
मोदी ने कहा, “लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं. उस समय आपके स्थानों पर यहां आपके सीनियर बैठे थे. मैं तब देश की मुख्य विपक्षी पार्टी का सदस्य भी था. उस समय सभी लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि मैं तब की केंद्र सरकार पर आरोप लगाऊंगा, लेकिन मैंने तत्कालीन सरकार का आलोचक होने के बावजूद इस मंच का उपयोग नहीं किया था. मैंने एक विजन रखा था और सकारात्मक बात कही थी. मैं उस रास्ते पर ही चलता रहा हूं.”
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं… उस समय आपके स्थानों पर यहां आपके सीनियर बैठे थे। मैं तब देश की मुख्य विपक्षी पार्टी का सदस्य भी था। उस समय सभी लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि मैं तब की केंद्र सरकार पर आरोप लगाऊंगा लेकिन… pic.twitter.com/d4gbCo6s7e
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उन्होंने कहा कि उस समय (2013) विकास फर्श पर था और महंगाई अर्श पर थी. उस समय घोटाले चरम पर थे और भ्रष्टाचारी बेखौफ घूमते थे. आतंकी बेलगाम थे और पाकिस्तान बेकाबू था. एक वह दिन था और एक आज का दिन है, जब आतंकवाद फैलाने वाले पस्त पड़े हैं, पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो भारतीय सेना घर में घुसकर मारती है, नक्सलवाद की कमर तोड़ दी गई है.
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की 7.8% की ग्रोथ भी ऐसे समय पर आई है, जब वेस्ट एशिया का युद्ध चल रहा है और जब ट्रेड से जुड़ी अर्चन भी रही है. उस समय ऐसी ग्रोथ हासिल करना भारत के सामर्थ्य को दिखाता है.”
उन्होंने कहा कि पहले भारत की सेनाओं के लिए ज्यादातर चीजें बाहर से खरीदी जाती थी. मैंने देश की सेनाओं के साथ मिलकर प्लान बनाया, चीजों की लिस्ट बनाई और भारतीय कंपनियों को कहा ये सब बनाओ. आज देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ऑल टाइम हाई पर है. आज भारत करीब दो लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन कर रहा है. 2013-14 में हम 600-700 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात करते थे, आज ये आंकड़ा करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

पीएम ने कहा कि भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और वो दिन भी आप देखेंगे. जब भारत एक दिन ऐसे ओलंपिक्स का आयोजन करेगा कि दुनिया देखती रह जाएगी. ये सिर्फ बातें नहीं हैं, ये संकल्प है, और इन संकल्पों को सिद्धि में बदलने के लिए देश में काम हो रहा है.
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स भारत के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है और वाणिज्य, अर्थशास्त्र तथा प्रबंधन के क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है. प्रख्यात उद्योगपति और जरूरतमंदों की सहायता करने वाले सर श्री राम ने 1926 में इस कॉलेज की स्थापना की थी. कॉलेज ने एक शताब्दी के दौरान विद्वानों, पेशेवरों, प्रशासकों, उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और राष्ट्र-निर्माताओं की अनेक पीढ़ियां तैयार की हैं.
शताब्दी समारोह शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ है, जिससे यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इस दिन राष्ट्र पीढ़ियों के निर्माण और समाज की नींव को मजबूत करने में शिक्षकों और शिक्षाविदों के योगदान का सम्मान करता है.
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर वाणिज्य और अर्थशास्त्र में शिक्षा प्रदान करता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली विश्वविद्यालय की बी.कॉम (ऑनर्स), बीए (ऑनर्स), अर्थशास्त्र, एम.कॉम और एमए (अर्थशास्त्र) की डिग्री प्राप्त होती है. इसके अतिरिक्त, कॉलेज उन प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी छात्रों के लिए वैश्विक व्यापार संचालन में दो वर्षीय पूर्णकालिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्रदान करता है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. कॉलेज को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रशासन फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रशासन केंद्र का दर्जा दिया गया है. एसआरसीसी दिल्ली विश्वविद्यालय का एकमात्र कॉलेज है, जिसे यह दर्जा प्राप्त है.
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