
उदयपुर के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपति लहरी लाल पालीवाल और पत्नी राधा देवी के हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि हिरासत में लिए गए लोग हत्या में शामिल हैं या नहीं. उधर मृतक के परिजन और समाज के लोग महाराणा भूपाल हॉस्पिटल की मोर्चरी में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. पता चला कि घर के अंदर करीबन 30 लाख रूपए कीमत के जेवर सुरक्षित पाए गए, कोई वस्तु उथल पुथल या प्रतिरोध जैसे निशान नहीं दिखे है. जिससे लूट जैसे आशंका नहीं जताई जा रही है.
मंगलवार रात को बेटे को किया था फोन
मृतक लहरी लाल पालीवाल के बेटे मनोहर ने बताया कि मंगलवार को रात मम्मी का फोन आया था. वे दोनों खाना खाने के बाद सोने जा रहे थे. इसके बाद सुबह 8:30 बजे पड़ोसी का फोन आया कि वे दूध देने नहीं आए और घर का दरवाजा खुला था और अंदर दोनों नहीं थे. इसके बाद मनोहर ने अपने परिचितों को फोन किया और तलाशने को कहा. थाने में जाकर उन्होंने रिपोर्ट दी.
30 किमी दूर मिली मोबाइल की लोकेशन
इसके बाद पुलिस ने लोकेशन निकाली तो घर से 30 किलोमीटर दूर लखवाली में लोकेशन मिली. परिवार सदस्य सभी वहां गए लेकिन कोई नहीं मिला. इसके बाद मनोहर खुद गांव आए और तलाश में जुटी. मनोहर गुजरात के राजकोट में काम करता है.
पॉलिथीन में पैक मिली दोनों की लाशें
उन्होंने बताया कि बुधवार और गुरुवार को तलाश करने के बाद घर के अंदर से अचानक बदबू आने लगी. एक कमरा पीछे को तरफ था जिसे खोला. उसमें बिस्तर रखने वाले लोहे के बक्से को खोला तो अंदर कोरोना में जिसे तरह शव को पैक किया जाता था. वैसे दोनों को अलग अलग सफेद थैली में पैक कर रखा था और ऊपर से टैपिंग की थी. 
शव के नीचे और ऊपर डाले बिस्तर
पड़ोसी रमेश पालीवाल ने बताया कि वे दूध बेचने का काम करते थे. बुधवार सुबह दूध सप्लाई नहीं हुआ तो एक अन्य पड़ोसी उनके घर गया. वे घर नहीं मिले तो उन्होंने मुझे बताया. फिर हमने उनके बेटे मनोहर को कॉल किया था. हम थाने गए थे और पुलिस को इसकी जानकारी दी थी. जब शव के बारे में पता चला और हमने देखा तो चौक गए. शव के नीचे और ऊपर बिस्तर डाले हुए थे. बीच में दोनों के शव अलग अलग कोरोना के समय जिससे पैक किया जाता था उनसे पैक कर टैपिंग की हुई थी. फिर पुलिस से बात की.
यह भी सामने आया कि मृतक लहरी लाल के दो बेटे हैं, जिसमें से एक बेटे बहू की काफी पहले ही मौत हो चुकी थी. मृतक बेटे से एक बेटा है प्रिंस, जो अपने दादा दादी के साथ ही रहता था. मृतक लहरी लाल के पौते प्रिंस ने बताया कि पहले दादा दादा के साथ ही रहता था, लेकिन दो माह पहले ही उदयपुर में 11वीं कक्षा में पढ़ाई करने के लिए शिफ्ट हुआ था.
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