

Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज के अवसर पर वृंदावन में मंगला दर्शन के लिए हजारों भक्त बांके बिहारी मंदिर में उमड़े, बांके बिहारी को हरे रंग के परिधान से सजाया गया और सोने-चांदी के झूले पर झूला झुलाया गया. मंदिर परिसर में मौजूद एक भक्त ने आईएएनएस के साथ बातचीत की और मंदिर के बारे में कुछ बातें बताई. एक भक्त ने कहा, “आज हरियाली तीज के अवसर पर ठाकुर जी झूला झूल रहे हैं. भक्तगण दर्शन करने के लिए आए हैं और हमारे ठाकुर जी ने हरे रंग के वस्त्र धारण किए हैं. स्वर्ण और चांदी के झूले में विराजमान ठाकुर जी के इर्द-गिर्द चार सखियां हैं. भक्त भी अपने आराध्य के दर्शन करके आनंदित हो रहे हैं.”
ठाकुर जी को लगाया गया छप्पन भोग
उन्होंने ठाकुर जी की दिनचर्या का ब्यौरा देते हुए कहा, “ठाकुर जी अपने बाल रूप से सभी को दर्शन दे रहे हैं. उनके साथ प्रिय राधा रानी शामिल हैं. ठाकुर जी को आज घेवर और छप्पन भोग लगाया जा रहा है. इस झूले की विशेषता ये है कि इसमें राधा रानी और ठाकुर जी साथ में बैठकर झूल रहे हैं और जब हमारी राधा रानी थक जाती हैं और उनका शृंगार बिगड़ जाता है, तो पीछे सेज है, जहां ठाकुर जी और राधा रानी को ले जाया जाता है. यहां पर राधा रानी के केश ठाकुर जी संवारते हैं, अगर राधा रानी थक जाती हैं, तो ठाकुर जी उनके पैर दबाते हैं.”
देश-विदेश से आए श्रद्धालु
मंदिर में आई एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “यहां पर बहुत अच्छा लग रहा है, हरियाली तीज पर देश-विदेश से श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन के लिए आए हैं. अपने नारायण को झूले में झूलते देखने से मन प्रसन्न हो जा रहा है. ये सावन का मौसम है बिहारी जी झूला झूल रहे हैं.”
एक अन्य भक्त ने कहा, “यहां पर ठाकुर जी को झूले पर झूलते देखना बहुत आनंदमय है. ठाकुर जी और राधा रानी की हम पर विशेष कृपा है.” एक भक्त ने कहा, “यहां पर हम सभी ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए आए हैं और बहुत ही आनंदमयी तरीके से दर्शन हो भी गए हैं. आज यहां पर ठाकुर जी के साथ हम सभी सभी हरे रंग में रंगे हैं.”
यह भी पढ़ें: Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज व्रत का पारण कब करें? जानें मुहूर्त, विधि और जरूरी नियम





