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पौधों के लिए प्लास्टिक के गमले या मिट्टी के गमले, जानिए गार्डनिंग के लिए कौन सा पॉट ज्यादा अच्छा | Plastic pots and clay pots for plants which is better for gardening



आज के समय में हर कोई घर पर पौधे रखना बहुत पसंद करते हैं. पौधों की देखभाल के लिए लोग खाद-पानी का भी बहुत ध्यान रखते हैं, लेकिन गमला कैसा होना चाहिए ये बहुत कम लोगों को पता रहता है. आपने बहुत सी नर्सरी में दो तरह के गमले दिखे होंगे. एक प्लास्टिक के गमले और दूसरे मिट्टी के गमले. प्लास्टिक के गमले इस्तेमाल में आसान होते हैं और उनमें कोई खराबी भी नहीं है, लेकिन अक्सर मिट्टी के गमलों को ज्यादा पसंद किया जाता है. मिट्टी एक नेचुरल और छिद्रदार पदार्थ होती है, जिससे हवा और नमी का बेहतर संतुलन बना रहता है. इसका सीधा असर पौधों की जड़ों और मिट्टी की हेल्थ पर पड़ता है. चलिए आपको बताते हैं घर पर मिट्टी या प्लास्टिक कौन से गमले सही रहते हैं.

पौधों के लिए कौन से गमले लेने चाहिए?

मिट्टी के गमले छिद्रदार होते हैं यानी इनके अंदर से हवा और नमी आसानी से गुजर सकती है. वहीं प्लास्टिक के गमले पूरी तरह बंद होते हैं. मिट्टी के गमले में जड़ों तक चारों तरफ से हवा पहुंचती रहती है, जिससे पौधों को ग्रोथ अच्छी होती है. जब जड़ों को पर्याप्त हवा मिलती है, तो वे पानी और पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाती हैं, जिससे पौधे ज्यादा हेल्दी और हरे-भरे दिखते हैं.

ज्यादा पानी देने पर भी पौधे हेल्दी रहते हैं

घर में लगे पौधों के खराब होने का सबसे बड़ा कारण अक्सर जरूरत से ज्यादा पानी देना होता है. इससे जड़ों में सड़न शुरू हो सकती है. मिट्टी के गमले अपनी दीवारों के जरिए एक्स्ट्रा नमी बाहर निकाल देते हैं, जिससे मिट्टी जल्दी और समान रूप से सूख जाती है. इस वजह से जड़ें लंबे समय तक गीली मिट्टी में नहीं रहतीं और पौधों के खराब होने का खतरा कम हो जाता है. अगर, आप कभी-कभी ज्यादा पानी दे देते हैं, तो मिट्टी का गमला एक तरह का सेफ कवच बन जाता है.

जड़ों के लिए सेफ

मिट्टी के गमले मोटे और मजबूत होते हैं, इसलिए ये तापमान में होने वाले बदलावों का असर कम कर देते हैं. गर्मियों में गमले की दीवारों से नमी बाहर निकलती रहती है, जिससे मिट्टी और जड़ें ठंडी बनी रहती हैं. वहीं, ठंड के मौसम में ये जड़ों को थोड़ी सेफ्टी भी प्रदान करते हैं. इसके अलावा ये तेज धूप पर भी खराब नहीं होते. वहीं, प्लास्टिक के गमले जल्दी गर्म हो जाते हैं, जिससे पौधों पर दबाव बढ़ सकता है. इसके साथ ही प्लास्टिक के गमले धूप में जल्दी खराब हो जाते हैं.

भारी होने के कारण आसानी से नहीं गिरते

मिट्टी के गमले प्लास्टिक के मुकाबले काफी भारी होते हैं और यही उनकी एक बड़ी खासियत है. ये तेज हवा चलने या किसी पक्षी के बैठने पर गिरते नहीं हैं. वहीं, प्लास्टिक के गमलों की गिरने की संभावना ज्यादा रहती है.

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