खबर

पाकिस्तान ने अलापा बातचीत का राग, आतंकवाद पर घिरा तो याद आई शांति; सिंधु जल संधि पर लगाई गुहार | pakistan law minister azam nazeer tarar india relation dialogues Indus Waters Treaty terrorism kashmir



पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार ने भारत के साथ बातचीत की वकालत की है. उन्होंने माना है कि युद्ध और बल प्रयोग किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकते. आजम नजीर ने सिंधु जल संधि और आतंकवाद सहित दोनों देशों के बीच लंबे वक्त से चले आ रहे विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत बताई. वर्ल्ड बैंक की एक मीटिंग में शामिल हुए तरार ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, “दुनिया में कई बड़े विवाद बातचीत और समझौतों के जरिए सुलझाए गए हैं. भारत और पाकिस्तान को भी आपसी मतभेद दूर करने के लिए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए.”

वहीं, सिंधु जल संधि को लेकर किए गए सवाल पर तरार ने कहा, “साल 1960 में हुई यह संधि अपने आप में स्पेशल रही है. दोनों देशों के बीच 1965 और 1971 के जंग और 1999 के कारगिल संघर्ष के बावजूद यह समझौता कायम रहा और दोनों देशों के बीच जल संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान होता रहा. दुर्भाग्य से अब इस संधि को लेकर स्थिति बदल गई है.”

मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लगातार बातचीत की मांग करता रहा है और इस मामले को विश्व बैंक के सामने भी उठाया गया है. दोनों देशों को एक साथ बैठकर इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालना चाहिए.

तरार के मुताबिक, “युद्ध कोई समाधान नहीं है और न ही बल प्रयोग से समस्याएं सुलझाई जा सकती हैं.” दोनों देशों की कुल आबादी 170 करोड़ से ज्यादा है. आबादी और परमाणु शक्ति संपन्न होने की स्थिति को देखते हुए शांति और सह-अस्तित्व की जरूरत और बढ़ जाती है.

दोनों देशों की संस्कृति और लोकाचार को उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम बताया है. उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संबंधों को लेकर मुझे कोई बड़ी समस्या नजर नहीं आती. भारत के कुछ हिस्सों और पाकिस्तान में खानपान, संस्कृति और सामाजिक परंपराओं में समानता है. हालांकि, इन संबंधों पर राजनीति और कश्मीर जैसे मुद्दों का भी प्रभाव पड़ता है.”

कश्मीर मुद्दे को लेकर उन्होंने पाकिस्तान के पारंपरिक रुख का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए तरार ने कहा, “लंबे वक्त तक जंग और दुश्मनी का इतिहास होने के बावजूद यूरोप के देश आज शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के साथ रह रहे हैं. भारत और पाकिस्तान को भी इससे सीखना चाहिए.”

‘पाकिस्तान बातचीत के लिए हमेशा तैयार…’

सिंधु जल संधि पर अपने पक्ष को आगे बढ़ाते हुए तरार ने कहा, “पानी जीवन का आधार है और अंतरराष्ट्रीय कानून में निचले तटवर्ती देशों के जल अधिकारों की भी अहमियत है. पानी के मुद्दे को सियासी टकराव का मौज़ू बनाने के बजाय दोनों देशों को बातचीत के जरिए हल करना चाहिए. पाकिस्तान जल संबंधी मुद्दों पर बातचीत के लिए हमेशा तैयार है.”

आतंकवाद के मुद्दे पर तरार ने कहा , “पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है. मुझे लगता है कि आरोपों और प्रत्यारोपों के बजाय दोनों देशों को एक साथ बैठकर मुद्दों की पहचान करनी चाहिए और समाधान तलाशना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप से किसी देश को सकारात्मक नतीजा नहीं मिल सकता.” उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए अभी भी गुंजाइश मौजूद है.

तरार ने पाकिस्तान की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में इस्लामाबाद की भूमिका का दावा किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी शांति की कोशिशों में भूमिका निभाना चाहता है.

हालांकि, आतंकवाद के समर्थन के आरोपों को लेकर सवाल किए जाने पर उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका से इनकार किया. उन्होंने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा का जिक्र किया.

पाकिस्तानी मंत्री के मुताबिक, “अतिवादी और कठोर रुख अपनाने से कोई समाधान नहीं निकलता. देशों को तार्किक ढंग से बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए. भारत और पाकिस्तान को बातचीत के जरिए अपने विवादों का समाधान तलाशना चाहिए. उनके मुताबिक, दोनों देशों के आम लोगों को बेहतर जीवन, विकास और शांति का अधिकार है और सरकारों को भावी पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने चाहिए.”

यह भी पढ़ें | 400 रुपये लीटर पेट्रोल, 10 हजार की कब्र, पाकिस्तान में महंगाई पर यूट्यूबर बोला- मौत भी सस्ती नहीं है

यह भी पढ़ें | अमेरिका में ट्रंप पर फूटा चुनावी बम; दहशत में पाकिस्तान, खासकर असीम मुनीर




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button