
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से एक जनसभा में नशे पर तीखा सवाल पूछने वाले बुजुर्ग गुलजार सिंह ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली. फिर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
अब इस मामले पर राजनीति तेज हो गई है. बीजेपी ने कहा कि पंजाब सरकार मूकदर्शक बनी रही. बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉफ्रेंस में कहा, “जहर खाने के बाद गुलजार सिंह ने एक वीडियो बनाई और उस वीडियो में वो 4 लोगों को जिम्मेदार बताते हुए कहता है कि कैसे पंजाब में हर जगह नशीले पदार्थ युवाओं को बहुत आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और सरकार मूकदर्शक बनी रहती है, कोई कार्यवाही नहीं करती. उसे अस्पताल ले जाया जाता है और कल 7 सितंबर को हमारे भाई गुलजार सिंह ने दम तोड़ दिया.”
आम आदमी पार्टी का आया बयान
AAP नेता अनुराग ढांडा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, अकाली दल, ये लोग इतने हताश हो चुके हैं पंजाब के अंदर. जिस तरह से आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में खेलों को बढ़ावा दे रही है, ड्रग्स के ऊपर काबू कर रही है. ये एक लंबी प्रक्रिया है ड्रग्स को कंट्रोल करना, लेकिन जिस तरीके से काम कर रही है आम आदमी पार्टी की सरकार, ये बौखलाए हुए हैं, ये परेशान हैं. और इसलिए जब इनको कुछ नहीं सूझता है तो ऊल-जुलूल आरोप लगाने लगते हैं.”
बीजेपी पर निशाना साधते हुए ढांडा ने कहा, “मैं गौरव भाटिया से ये पूछना चाहता हूं कि अगर कोई व्यक्ति मंत्री के सामने आकर अपनी समस्या रख रहा है, तो उसका विश्वास है उस सरकार में, इसीलिए उसके सामने समस्या रख रहा है. और जैसे ही समस्या रखी, जिन-जिन का नाम परिवार ने लिया, वो सारे लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं, वो सारे लोग गिरफ्तार हैं.”
उन्होंने कहा, “मैं गौरव भाटिया से ये पूछना चाहता हूं और बीजेपी से ये पूछना चाहता हूं कि इतनी गंदी हो गई आप लोगों की सियासत कि आप किसी व्यक्ति की जान से खेल जाओगे, सिर्फ इसलिए क्योंकि आपको राजनीति करनी है? उस व्यक्ति का जो पहला वीडियो आया घटना के बाद, उसमें कहीं भी, कहीं भी हमारे किसी मंत्री का नाम नहीं है. आप वो वीडियो खुद सुन सकते हैं.”
‘अस्पताल ले जाने के बजाया उससे वीडियो बनवाया जा रहा था’
AAP नेता ने कहा, “जब उसने जहर खा लिया उस व्यक्ति ने और उसको तुरंत, सल्फास अगर कोई खा ले तो उसको तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए तब उसकी जान बचती है. और आप उस दौरान उस पर दबाव डाल रहे हैं, उससे दूसरा वीडियो बनवा रहे हैं कि जब तक तुम मंत्री का नाम लोगे नहीं, तब तक तुमको हॉस्पिटल लेके जाएंगे नहीं.”
तो ये हत्या किसने की? ये उन लोगों ने हत्या की सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए जो लोग आज इसके ऊपर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं या इसके ऊपर आवाज उठा रहे हैं. इसकी भी जांच होनी चाहिए. इसकी भी जांच होनी चाहिए कि कौन वो व्यक्ति है. उसका बयान तुरंत उसने सल्फास खाने के बाद अपना वीडियो जारी किया. जिन-जिन लोगों का नाम उसने लिया, वो सारे पुलिस हिरासत में हैं.”
अनुराग ढांडा
नेता, AAP
मृतक गुलजार सिंह ने वीडियो में क्या कहा?
मृतक गुलजार सिंह ने आत्महत्या से पूर्व एक वीडियो संदेश में अपनी मौत के लिए पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्थानीय ग्राम सरपंच को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया.
मृतक के परिजनों और बेटे का आरोप है कि कार्यक्रम में मंत्री से नशे की खुली बिक्री को लेकर सवाल पूछने के बाद उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा था. उन्हें लगातार धमकाया गया और मंत्री से सार्वजनिक माफी मांगने के लिए विवश किया गया, जिससे आहत और भयभीत होकर उन्होंने यह घातक कदम उठाया.
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