

नई दिल्ली:
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के जाफरपुर कलां इलाके में स्थित यूनियन बैंक की ब्रांच में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. बैंक में आधार कार्ड अपडेट कराने आए 27 साल के युवक की सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से हुई कथित तौर पर ऐक्सिडेंटल फायरिंग से मौत हो गई. घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. मृतक की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो इस्सापुर गांव का रहने वाला था और खेती करता था. परिवार में उसके बुजुर्ग माता-पिता और पांच बड़ी बहनें हैं. परिवार का कहना है कि मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने बैंक गया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह सामान्य दिन एक दर्दनाक हादसे में बदल गया.
पुलिस के मुताबिक, यह घटना मंगलवार, 28 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे हुई. उस वक्त बैंक का सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार (53) अपनी 12 बोर डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहा था. इसी दौरान अचानक बंदूक से गोली चल गई. गोली सीधे मनीष कुमार की पीठ में जाकर लगी. गोली लगते ही मनीष जमीन पर गिर पड़ा और बैंक में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया.
जमीन पर खून ही खून…
गोली चलने की आवाज सुनकर बैंक के कर्मचारी और ग्राहक बाहर की तरफ दौड़े. उन्होंने देखा कि मनीष खून से लथपथ जमीन पर पड़ा है. तुरंत उसे इलाज के लिए राव तुलाराम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
दिल्ली पुलिस को इस घटना की जानकारी सुबह करीब 11:06 बजे पीसीआर कॉल के जरिए मिली. कॉल करने वाले ने बताया कि बैंक के गार्ड की बंदूक से गोली चल गई है और एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया है. पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि घायल को पहले ही अस्पताल भेजा जा चुका था.
पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने पुलिस को बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचा था. जब वह बंदूक में कारतूस भर रहा था, तब तक बैंक खुल चुका था. कर्मचारी और ग्राहक अंदर आ चुके थे. इसी दौरान लापरवाही या तकनीकी कारणों से बंदूक चल गई.
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विनोद कुमार कौन है?
पुलिस के मुताबिक, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के माजरी गांव का रहने वाला है. वह भारतीय सेना में कार्यरत था और 2018 में रिटायर हुआ था. पिछले करीब दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए इस बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात था. उसके दो बेटे हैं, जिनमें एक एमडी की पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा एमबीबीएस का छात्र है.
कार्रवाई में जुटी पुलिस!
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. वहीं, मनीष कुमार का पोस्टमार्टम भी कराया गया है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि गोली किस परिस्थिति में चली.
इसके अलावा, पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में ले लिया है. जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं और क्या बैंक खुलने के बाद हथियार में कारतूस भरना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है.
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. आगे की कार्रवाई जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.
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