
दिल्ली में सीजेपी और कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी ऐश्वर्या सिंह का लेडी सिंघम वाला अवतार सामने आया है. उनके दबंग अंदाज वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. कोई उन्हें नारी शक्ति की मिसाल बता रहा है तो कोई IPS ऐश्वर्या सिंह की पुलिसिंग को सलाम करता दिखाई दे रहा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हैशटैग @aishwarya_ips के साथ IPS ऐश्वर्या सिंह के वीडियो खूब शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें वह प्रदर्शन के दौरान बस से उतरकर पुलिस हिरासत से भाग रहे प्रदर्शनकारी को पकड़ते हुए, बस रोक रही कांग्रेस महिला कार्यकर्ता को हटाते हुए और भीड़ में घायल व्यक्ति को संभालते हुए नजर आ रही हैं.

IPS ऐश्वर्या सिंह अपने माता-पिता व बहन के साथ.
ऐश्वर्या सिंह एडीसीपी दक्षिण दिल्ली
आईपीएस ऐश्वर्या सिंह एडीसीपी दक्षिण दिल्ली के पद पर तैनात हैं. इससे पहले वह एसीपी लाजपत नगर के पद पर कार्यरत थीं. ऐश्वर्या सिंह भारतीय पुलिस सेवा में एजीएमयूटी कैडर की 2022 बैच की IPS अधिकारी हैं. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर 97वीं रैंक हासिल कर IPS सेवा ज्वाइन की. दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की डिग्री लेने वाली ऐश्वर्या सिंह ने UPSC में पहले प्रयास में 249वीं रैंक हासिल की थी. तब उन्हें भारतीय राजस्व सेवा कैडर मिला था. दूसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचीं और तीसरे प्रयास में IPS बनने में सफल रहीं.

IPS Aishwarya Singh Delhi Police ADCP with father
पिता भी रहे हैं वरिष्ठ IPS अधिकारी
खास बात यह है कि ऐश्वर्या सिंह के पिता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1991 बैच के असम-मेघालय कैडर के IPS अधिकारी रह चुके हैं. वह असम पुलिस में विशेष महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) और एंटी राइनो पोचिंग टास्क फोर्स के विशेष प्रभारी महानिदेशक पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं. IPS अधिकारी के रूप में हैदराबाद स्थित SVPNPA में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ऐश्वर्या सिंह ने अपने पिता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को सलामी दी थी. उस दौरान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

IPS Aishwarya Singh Delhi Police ADCP
ऐश्वर्या सिंह ने असम से दिल्ली तक की पढ़ाई
पिता की पोस्टिंग के चलते ऐश्वर्या सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई असम से पूरी की. माध्यमिक शिक्षा उन्होंने दिल्ली के मदर्स इंटरनेशनल स्कूल से प्राप्त की और बाद में लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. IPS ऐश्वर्या सिंह का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है.
मां और बहन भी प्रतिष्ठित पदों पर रहीं
ऐश्वर्या सिंह की मां अनामिका सिंह असम सिविल सेवा की अधिकारी रही हैं. वर्ष 1996 से 2006 तक उन्होंने बतौर ACS सेवाएं देने के बाद नौकरी छोड़ दी थी. वह अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर तक पहुंची थीं. ऐश्वर्या सिंह की छोटी बहन अराधिता सिंह ने राज्यसभा सचिवालय जॉइन किया और बतौर सीनियर पीएस सेवाएं दीं.
Calm under pressure, firm in action. IPS Aishwarya Singh shows what true courage in uniform looks like. No drama, no hesitation, just discipline, duty and Nari Shakti standing tall. Salute to Her🔥 @aishwarya_ips https://t.co/JFrlwUzyNv
— Rahul (Proud Bhakt) (@rahulpassi) October 8, 2026
सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना
सोशल मीडिया पर ऐश्वर्या सिंह के वीडियो को लेकर लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, “दिल्ली के अशोक रोड पर IPS ऐश्वर्या सिंह ने यह दिखाया कि वास्तविक शक्ति हमेशा ऊंची आवाज में दिखाई देना जरूरी नहीं है. चुनौतीपूर्ण और अव्यवस्थित परिस्थितियों के बीच उनका शांत व्यवहार, आत्मविश्वास और नियंत्रण वर्दी में नारी शक्ति की सशक्त तस्वीर पेश करता है.”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुश्किल हालात में भी शांत और अपने काम में पक्की. IPS ऐश्वर्या सिंह दिखाती हैं कि वर्दी में असली हिम्मत कैसी होती है. कोई ड्रामा नहीं, कोई हिचकिचाहट नहीं, बस अनुशासन, कर्तव्य और नारी शक्ति की मिसाल. उन्हें सलाम.”
Well Done IPS Aishwarya of Delhi Police… India Needs Lady Singham Like her to Tackle the Anti India Elements and Rioters.. Good Job Lady Singham @aishwarya_ips 🥰 https://t.co/CgQgUdIEUV
— Desi Thug (@desi_thug1) October 8, 2026
एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “ADCP ऐश्वर्या सिंह ने जिस तरह से इस स्थिति को संभाला, वह काबिले-तारीफ है. वह शांत रहीं, डटी रहीं और बिना आपा खोए दबाव का सामना किया. वर्दी में एक महिला की ताकत और आत्मविश्वास हमेशा प्रेरणादायक होता है.”
कुछ यूजर्स ने उन्हें ‘लेडी सिंघम’ बताते हुए लिखा कि देश-विरोधी तत्वों और दंगाइयों से निपटने के लिए भारत को उनके जैसी अधिकारी की जरूरत है. वहीं कई लोगों ने उन्हें नारी शक्ति, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता की मिसाल बताया.
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