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दिल्ली: आम लोगों को EV गाडियां खरीदने की नसीहत और सरकारी EV की कारें धूल खा रही हैं  | Delhi Government EV Policy NDMC Head office EV Cars Rekha Gupta


दिल्ली: आम लोगों को EV गाडियां खरीदने की नसीहत और सरकारी EV की कारें धूल खा रही हैं 

दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय में धूल फांक रही गाड़ियां

NDTV

नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तमाम तरह के उपायों को अपनाने पर जोर दे रही है. इन्हीं उपायों में से एक हैं EV गाड़ियों की बिक्री को बढ़ावा देना. राज्य सरकार चाहती है कि इन गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ाते हुए वो पेट्रोल-डीजल की गाडि़यों पर निर्भरता को कम कर सके. इससे प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी. दिल्ली सरकार की कोशिशों के इतन दिल्ली नगर निगम मुख्यालय का हाल जरा अलग है. दरअसल, यहां के अंडर ग्राउंड पार्किंग में EV की 70 से ज्यादा कारें सालों से धूल खा रही हैं. इन गाड़ियों को दिल्ली का प्रदूषण कम करने और ईंधन की बचत करने के लिए लिया गया था लेकिन बीते दो साल से एक कंपनी के साथ हुए कांट्रैक्ट को रिव्यू नहीं किया गया, इसके चलते EV की दर्जनों कारें खड़ी खड़ी कबाड़ हो रही हैं. हालाँकि सरकार तेल बचाने के लिए ज्यादा से ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां ख़रीदने पर ज़ोर दे रही है लेकिन निगम के पास जो कारें हैं उनका ही उपयोग नहीं हो पा रहा है.

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ग्रीन की जगह EV की कार पर सफेद नंबर प्लेट 

MCD पार्किंग में खड़ी करोड़ों रुपए की कारों में tata EV और Mahindra की EV कारें हैं. लेकिन NDTV ने जब पड़ताल की तो पाया कि कई EV की कारों में सफेद नंबर प्लेट लगी हुई है. नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि EV की गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए 2018 में ये कारें ख़रीदी गई थी तब उस वक्त तक EV की कारों में ग्रीन नंबर प्लेट को प्रावधान नहीं था लेकिन आज की तारीख़ में अगर इन कारों को सड़क पर चलाया जाएगा तो चालान कट सकता है. इसीलिए इन कारों का अनुबंध की अवधि नहीं बढ़ाई गई. मतलब साफ़ है कि EV गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन ही गलत किया गया है.सूत्रों के मुताबिक इन 75 गाड़ियों में कई गाड़ियाँ अब भी अच्छी हालत में हैं लेकिन इसके बावजूद ये कारें खड़ी धूल खा रही है..

EV कार पर राजनीति तेज, NDTV से बोले मेयर, हमने खबर का संज्ञान लिया है 

दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही का कहना है कि 2018 में एक कंपनी के साथ इलेक्ट्रिक कारों का अनुबंध किया गया था. इस अनुबंध में खर्च ज्यादा हो रहा था इसके चलते उसे रिन्यू नहीं किया गया. अब इन गाड़ियों के विषय का समाधान जल्द ही किया जाएगा. उधर आम आदमी पार्टी के अंकुश नारंग ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते कहा कि एक तरफ EV पॉलिसी पर सरकार करोड़ों खर्च करने का दावा कर रही है दूसरी तरफ ये सरकारी EV की कारें धूल खा रही है..

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