

दतिया उपचुनाव: घनश्याम सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार.
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक और दतिया राजघराने से जुड़े घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. टिकट मिलने के बाद उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उन्हें कार्यकर्ताओं की राय और सर्वे के आधार पर प्रत्याशी बनाया है. घनश्याम सिंह ने कहा कि उनकी जन-जन तक मजबूत पकड़ है. चुनाव में जनता के भरोसे जीत तय है.
कौन है घनश्याम सिंह?
- घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से आते हैं. वे दतिया से दो बार और सेवढ़ा से एक बार विधायक रह चुके हैं.
- 1993 में दतिया से कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने
- 1998 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया
- 2003 में फिर दतिया से चुनाव जीतकर विधायक बने
- 2008 में भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हार गए
- 2013 में सेवढ़ा से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के प्रदीप अग्रवाल से लगभग 1,800 वोटों से हार गए.
- 2018 में सेवढ़ा से भाजपा के राधेलाल बघेल को हराकर विधायक बने.
- 2023 में सेवढ़ा से फिर चुनाव लड़ा, लेकिन प्रदीप अग्रवाल से हार गए.

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घनश्याम ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पर बोला हमला
टिकट के ऐलान के बाद घनश्याम सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भ्रष्ट और विवादास्पद बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सेवढ़ा क्षेत्र में आशुतोष तिवारी ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते कई लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए हैं. उनके कई रिश्तेदार भी उनसे नाराज हैं, जो लोग उनके साथ खड़े हैं, वे गलत गतिविधियों में लिप्त हैं. घनश्याम सिंह का दावा है कि दतिया में आशुतोष तिवारी का कोई जनाधार नहीं है.
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‘नरोत्तम मिश्रा से भी ज्यादा विवादास्पद’
कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि आशुतोष तिवारी पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से भी अधिक विवादास्पद और भ्रष्ट हैं. उन्होंने कहा- उपचुनाव में जनता का पूरा समर्थन मिलेगा और क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से उनकी जीत सुनिश्चित है.
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