

त्रिपुरा में BSF पर हमला मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. इस घटना के नए वीडियो के मुताबिक, भीड़ BSF जवानों से उनके हथियार छीनने की कोशिश करती दिखाई दी. इस मामले में कम से कम 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं.यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा के पास त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के अशाबारी गांव की है, जहां बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों पर कथित तौर पर हमला करके उनके हथियार छीनने की कोशिश की गई थी. इस घटना में एक कंपनी कमांडर समेत BSF के 3 जवान घायल हो गए थे.
BSF सूत्रों के मुताबिक, जवानों ने बॉर्डर के पास कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को अवैध कारोबार में शामिल देखा था.नए वीडियो में दिखाई दिया है कि त्रिपुरा के अशाबारी में ग्रामीणों ने BSF जवानों पर हमला कर उनके हथियार छीन लिए. सोमवार (2 नवंबर) को ग्रामीणों और BSF के जवानों के बीच हुई झड़प ने गंभीर रूप ले लिया है. सामने आए नए वीडियो फुटेज में ग्रामीणों का एक गुट एक अधिकारी समेत BSF के 3 जवानों पर हमला करता और उनके हथियार छीनता हुआ दिखाई दे रहा है.
BSF जवानों से छीने हथियार, की पिटाई
वीडियो के मुताबिक, BSF के जवान एक गाड़ी से बाहर निकलते हैं, जिसके बाद उनकी पिटाई की जाती है. यह घटना तब शुरू हुई जब एक स्थानीय ग्रामीण के साथ मारपीट का आरोप लगा, जिसके बाद दोनों पक्षों में टकराव हो गया. अब BSF और स्थानीय निवासियों, दोनों की तरफ से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.
घायल हुए BSF के तीनों जवानों को पहले बोक्शानगर सोशल हेल्थ सेंटर में प्राथमिक उपचार दिया गया. बाद में उनको आगे के इलाज के लिए त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. बताया जा रहा है कि उन्हें कई चोटें आई हैं, जिनमें सिर की गंभीर चोटें भी शामिल हैं. इनमें से दो जवान अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.
जवानों पर लाठियों और बांस के डंडों से हमला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब ग्रामीण सड़क जाम करके विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. उनका आरोप था कि BSF के जवानों ने एक स्थानीय निवासी के साथ मारपीट की है. ग्रामीणों को शक था कि ये जवान तस्करी में शामिल हो सकते हैं.टकराव तब और बढ़ा जब BSF के तीन जवानों को ले जा रही एक गाड़ी जाम वाली जगह पर पहुंची. भीड़ द्वारा गाड़ी में सवार जवानों पर लाठियों और बांस के डंडों से हमला करने का आरोप है.
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हुई इस हिंसा को अस्वीकार्य बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है. हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला बेहद चिंता का विषय है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने की निंदा
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करे यह सुनिश्चित करें कि न्याय मिले. हमारे सुरक्षाकर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं. इस बीच, पुलिस ने इस घटना के संबंध में कलमचौरा पुलिस स्टेशन में BSF और स्थानीय ग्रामीणों, दोनों की ओर से शिकायतें दर्ज की हैं. खबरों के मुताबिक, रात भर चले तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है. जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, उन्हें सिपाहीजाला जिला अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है.
हिंसा में शामिल सभी लोगों की हो रही पहचान
सोनमुरा के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) अभिजीत दास ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि वे लोग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे. मामले की जांच चल रही है. जांच के तहत हम सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.पुलिस ने बताया कि घटनाओं के क्रम का पता लगाने और हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है. अशाबारी में स्थिति नियंत्रण में है.
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