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डुप्लीकेट स्मार्ट चाबी से चुराते थे महंगी कारें, दिल्ली पुलिस ने दबोचा गैंग; 11 गाड़ियां बरामद | Delhi Luxury car theft gang busted 4 arrested including repeat offender 11 stolen vehicles recovered 



Delhi Luxury Car Theft: दिल्ली के रोहिणी जिले में स्पेशल स्टाफ पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें अलीपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है. आरोपियों के पास से 11 महंगी चोरी की गाड़ियां, एक चोरी का ऑटो रिक्शा और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं.

इलेक्ट्रॉनिक चाबी बनाकर मिनटों में चोरी 

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह खासतौर पर लग्जरी एसयूवी और महंगी कारों को निशाना बनाता था. आरोपी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और सॉफ्टवेयर की मदद से गाड़ियों की डुप्लीकेट स्मार्ट चाबी तैयार कर लेते थे. इसके बाद बिना शीशा तोड़े या लॉक को नुकसान पहुंचाए कुछ ही मिनटों में वाहन चोरी कर फरार हो जाते थे.

सरगना दो साल से चला रहा नेटवर्क

गिरोह का मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ लक्की बताया जा रहा है जो वाहन की इलेक्ट्रॉनिक चाबी तैयार करने में माहिर है. पुलिस के अनुसार वह पिछले करीब दो साल से गुरुग्राम के एक पीजी में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था. आरोपी पहले से 25 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है और अलीपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है.

दिन में रेकी और रात में वारदात 

पुलिस के मुताबिक बलविंदर उर्फ बिंदा दिन के समय पॉश इलाकों और कॉलोनियों में घूमकर लग्जरी गाड़ियों की पहचान करता था. इसके बाद रात में गिरोह के अन्य सदस्य चोरी की वारदात को अंजाम देते थे. आरोपी खासतौर पर दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय थे. बलविंदर के खिलाफ भी 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

चोरी की गाड़ियों बेचने- काटने का नेटवर्क

जांच में पता चला कि चोरी की गई गाड़ियों को दूसरे राज्यों में मौजूद रिसीवरों के जरिए बेच दिया जाता था. कुछ वाहनों को काटकर उनके इंजन, गियरबॉक्स, ईसीयू, अलॉय व्हील, दरवाजे, बोनट, बंपर और हेडलाइट जैसे महंगे पार्ट्स ग्रे मार्केट में बेच दिए जाते थे. गिरोह चोरी के ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को शक न हो.

हाईटेक उपकरणों के साथ पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने आरोपियों से 50 इलेक्ट्रॉनिक डुप्लीकेट चाबियां, कंप्यूटरीकृत की-कटिंग मशीन, की-प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर वाला कंप्यूटर सिस्टम, टैबलेट, जीपीएस डिटेक्टर, फर्जी नंबर प्लेट, ड्रिल मशीन और अन्य सामान बरामद किया है. आरोपी वारदात के दौरान मास्क पहनते थे और गाड़ियों में लगे जीपीएस ट्रैकर से बचने के लिए विशेष डिटेक्टर का इस्तेमाल करते थे.

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुलदीप सिंह उर्फ लक्की, बलविंदर उर्फ बिंदा, दीपक उर्फ देव और बख्शीश सिंह उर्फ मन्नी शामिल हैं. बख्शीश के खिलाफ 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि दीपक चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने का काम करता था. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और रिसीवरों की तलाश में जुटी है.

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