
Jagan Gurjar: अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को हत्या कर दी गई. इसके बाद विभिन्न मांगों को लेकर परिजन और गुर्जर समाज के लोग धरने पर बैठ गए. प्रशासन के साथ गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल की लंबी वार्ता के बाद मंगलवार शाम को धरना समाप्त करने पर सहमति बन गई. जगन की हत्या के बाद गुर्जर समाज के लोग बेटे की सुरक्षा, भाई को दूसरे जेल में शिफ्ट करने, डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ दर्ज ऑर्म्स एक्ट के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए थे. हालांकि, अब प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद गुर्जर समाज के लोगों ने धरना खत्म करने को राजी हो गए हैं.
जगन के भाई पप्पू गुर्जर को 3 दिन पैरोल
संघर्ष समिति के मेंबर रमेश धावाई ने प्रशासन और गुर्जर समाज के बीच बनी सहमति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जगन गुर्जर के भाई, जो अजमेर जेल में बंद हैं. उनको धौलपुर जेल जाने की प्रशासन द्वारा इजाजत दे दी गई है. तीन दिन के लिए स्पेशल पैरोल ग्रांट की गई है. जगन गुर्जर की बॉडी के पोस्टमार्टम के बाद भाई पप्पू गुर्जर साथ में ही जाएंगे.

बेटे और परिवार को मिलेगी सुरक्षा
रमेश धावाई ने कहा कि जगन के बेटे आसाराम और परिवार वालों को जान का खतरा था. जिसको लेकर प्रशासन से बाद हुई है. धौलपुर के एसपी सांगवान ने कहा कि जैसे ही ये लोग पहुंचेंगे तो तुरंत इनको सिक्योरिटी दे दूंगा. अजमेर सेंट्रल जेल में जगन गुर्जर के हत्याकांड की जांच के लिए सीजेएम को नियुक्ति कर दिया गया है. जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर हिमांशु जांगिड़ ने वार्ता में बनी सहमति के बारे में बताया कि जगन गुर्जर की मौत के बाद समाज द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था. वार्ता हुई तो निष्कर्ष निकला. अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर अपने भाई जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में जाएंगे. इसके अलावा परिवार के 2 लोग और भी धौलपुर में जेल में बंद हैं, वह भी जाएंगे.
ASP जांगिड़ ने कहा कि जेल के कर्मचारी पर गुर्जर समाज के लोग के कार्रवाई की मांग कर रहे थे. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी. तीसरी मांग इन लोगों की थी कि जगन पर जो अंतिम मुकदमा दर्ज किया गया था. उसकी जांच करवाई जाए. उसको लेकर धौलपुर एसपी की तरफ से जांच का आश्वासन मिला है. परिवार के लोगों को जान के खतरे पर लिखित में देने पर सुरक्षा दी जाएगी.
किन-किन मांगों पर बनी सहमति
- मृतक जगन गुर्जर के बेटे आशाराम और परिवार की सुरक्षा का आश्वासन दिया गया.
- धौलपुर एसपी से चर्चा के बाद संभावित खतरा पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल पाबंद कार्रवाई करने की बात कही गई.
- हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में बंद पप्पू गुर्जर को सुरक्षा कारणों से दूसरी सुरक्षित जेल में शिफ्ट करने पर सहमति बनी.
- अजमेर एसपी ने इस संबंध में डीजीपी (जेल) को पत्र भेजने की जानकारी दी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.
- जेल अधिकारियों और स्टाफ की कथित लापरवाही की जांच जारी रहने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही गई.
- पप्पू गुर्जर को नियमानुसार जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने पर सहमति बनी.
- अंतिम संस्कार में परिवार के अन्य सदस्यों को भी नियमानुसार शामिल होने की अनुमति दी गई.
- जगन गुर्जर पर दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के संबंध में भी प्रशासन ने सहमति जताई.
जगन गुर्जर हत्याकांड की CBI जांच की उठी मांग
इससे पहले आज जेएलएन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर ने सीबीआई जांच की की मांग थी. आसाराम ने कहा कि जब उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराएगा और धरना जारी रहेगा. जगन गुर्जर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग के साथ परिजन अजमेर जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में शिफ्ट किए जाने की मांग कर रहे थे.
परिजनों ने बाड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि जगन गुर्जर को फर्जी मुकदमे में गिरफ्तार कर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया था, जिसके कारण यह घटना हुई. उधर जगन गुर्जर के परिजनों और गुर्जर समाज के लोगों ने अजमेर तहसीलदार ओम लखावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की.
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