
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व संगठन महासचिव रजनीश किमटा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने विक्रमादित्य सिंह को भविष्य का मुख्यमंत्री बताया था. विक्रमादित्य सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा कि ये रजनीश किमटा के मन के भाव हैं और वह फिलहाल जहां हैं, वहां खुश हैं. उन्होंने कहा कि अभी लंबा सफर बाकी है और इस दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आएंगे.
विक्रमादित्य सिंह की इस प्रतिक्रिया को प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक दावा नहीं किया, लेकिन उनके जवाब और अंदाज ने इस मुद्दे पर चर्चा को जरूर हवा दे दी है.
दरअसल, चौपाल दौरे के दौरान रजनीश किमटा ने मंच से विक्रमादित्य सिंह को भविष्य का मुख्यमंत्री बताया था. किमटा के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं. अब विक्रमादित्य सिंह की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है.
‘ये रजनीश किमटा के मन के भाव’
मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रजनीश किमटा ने जो कुछ कहा है, वह उनके अपने मन के भाव हैं. उन्होंने दोहराया कि वह वर्तमान में जिस जिम्मेदारी पर हैं, उससे खुश हैं और प्रदेश के हित में लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी लंबा सफर तय करना है और इस दौरान उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है.
मुख्यमंत्री पद से जुड़े सवाल पर उन्होंने अपने लिए राजनीतिक मंच और काम करने के अवसर को महत्वपूर्ण बताया. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान उनके दो विभागों के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता लाई गई है. उन्होंने अपने विभागों के कामकाज और प्रदेश के विकास से जुड़े प्रयासों को भी अहम बताया.
ऐसे समय में आया बयान
विक्रमादित्य सिंह की प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है, जब प्रदेश में कांग्रेस सरकार और संगठन से जुड़े नेताओं के बयानों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं. रजनीश किमटा के बयान और उसके बाद मंत्री की प्रतिक्रिया ने भविष्य में प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व को लेकर अटकलों को बढ़ाया है.
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